रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने 3 जुलाई 2024 को मदरसा-ए-आली शहीद मुतह्हरी के ओहदेदारों और उस्तादों से ख़ेताब में इस धार्मिक शैक्षणिक केन्द्र की सेवाओं और राष्ट्रपति चुनाव के विषय में बात की। (1)
रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने इराक़ व सीरिया में पवित्र रौज़ों की हिफ़ाज़त के लिए अलग अलग मुल्कों से जाकर आतंकियों से मोर्चा लेने वाले मुजाहेदीन और रेज़िस्टेंस फ़्रंट के शहीदों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की आयोजक कमेटी से मुलाक़ात में तक़रीर की। 19 जून 2024 को होने वाली यह तक़रीर 29 जून 2024 को कान्फ़्रेंस हाल में जारी की गई। (1)
ईदे ग़दीर के मौक़े पर और ईरान में 14वें राष्ट्रपति चुनाव से पहले 25 जून 2024 को रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में बड़ी जनसभा को संबोधित किया।
न्यायपालिका दिवस के अवसर पर न्यायपालिका प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों ने रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई से मुलाक़ात की। 22 जून 2024 की इस मुलाक़ात में तक़रीर करते हुए आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने न्यायपालिका की अहमियत ज़िम्मेदारियों, सुधार और कार्यशैली के बारे में बात की। (1)
रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने 15 जून 2024 को साइंस ओलम्पियाडों में मेडल जीतने वाले जवानों से मुलाक़ात में युवा वर्ग और उसकी क्षमताओं के बारे में बात की और साथ ही कुछ अनुशंसाएं कीं। (1)
इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह की 35वीं बरसी के मौक़े पर 3 जून 2024 को तक़रीर करते हुए रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने इमाम ख़ुमैनी के दृष्टिकोण और विचारधारा पर प्रकाश डाला।
अल्लाह, जनाब रईसी के दर्जे बुलंद करे इंशाअल्लाह। मैं जितना भी सोचता हूँ, ख़ुद मेरे लिए भी, मुल्क के लिए भी और ख़ास तौर पर उनकी फ़ैमिली के लिए भी इस नुक़सान की भरपाई ना मुमकिन नज़र आती है। यानी बहुत बड़ा नुक़सान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती, वाक़ई बहुत सख़्त है, बहुत बड़ा सदमा है। हमें उम्मीद है कि इंशाअल्लाह, अल्लाह उनके दर्जे बुलंद करे और आप लोगों को भी सब्र दे। मुसीबत जितनी सख़्त और बड़ी होती है, अल्लाह का अज्र भी उसी की तुलना में बड़ा और मीठा होता है, इंशाअल्लाह।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने 6 मई 2024 को हज संस्था के अधिकारियों, सदस्यों और हज के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं से मुलाक़ात में हज के विषय पर अहम गुफ़तगू की और ग़ज़ा पर ज़ायोनियों के हमलों के परिप्रेक्ष्य में मुसलमानों की ज़िम्मेदारियों को रेखांकित किया। (1)
रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने 1 मई 2024 को ईरान में महान विचारक व लेखक आयतुल्लाह शहीद मुर्तज़ा मुतह्हरी के शहादत दिवस पर मनाए जाने वाले टीचर्ज़ डे पर देश के अध्यापकों से मुलाक़ात में शिक्षा, छात्रों की तरबियत, युनिवर्सिटियों के माहौल और टीचर्ज़ के महत्व जैसे विषयों पर बात की। (1)
रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने 10 अप्रैल 2024 को ईदुल फ़ित्र के दिन इस्लामी शासन व्यवस्था के अधिकारियों, इस्लामी देशों के राजदूतों और अवामी तबक़ों से मुलाक़ात में अपनी तक़रीर में ईदुल फ़ित्र, रमज़ानुल मुबारक और ग़ज़ा जंग के बारे में बात की। (1)
तेहरान के इमाम ख़ुमैनी मुसल्ला काम्पलेक्स में 10 अप्रैल 2024 को ईदुल फ़ित्र की नमाज़ अदा की गई। नमाज़ के ख़ुतबों में रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने रमज़ानुल मुबारक की ख़ास रूहानी फ़ज़ा के बारे में बात की और ईरान के दूतावास पर इस्राईल के हमले के बारे में अहम एलान किया। (1)
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने 8 अप्रैल 2024 बराबर 27 रमज़ान 1445 को मुल्क की अलग अलग युनिवर्सिटियों के छात्रों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात में देश, समाज और शैक्षिक संस्थानों से जुड़े अहम मुद्दों पर बात की। (1)
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने 23 रमज़ान मुबारक मुताबिक़ 3 अप्रैल 2024 को मुल्क के अधिकारियों से ख़िताब किया। उन्होंने रमज़ान मुबारक से संबंधित आध्यात्मिक बिन्दु पेश किए और साथ ही मुल्क सहित क्षेत्रीय मुद्दों की समीक्षा की। ख़ेताब इस प्रकार है।
इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने 25 मार्च 2024 को इमाम हसन अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिन के मौक़े पर शायरों और साहित्यकारों के साथ अपनी सालाना मुलाक़ात में शेर व अदब के बारे में बड़ी अहम तक़रीर की।(1)
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने 1 फ़रवरदीन 1403 हिजरी शम्सी बराबर 20 मार्च 2024 को ईदे नौरोज़ के मौक़े पर अपने ख़ेताब में देश की आर्थिक स्थिति के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने ग़ज़ा की जंग के बारे में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की निशानदेही की।
रमज़ानुल मुबारक के पहले दिन 12 मार्च 2024 को इमाम ख़ुमैनी इमाम बारगाह में क़ुरआन से उन्सियत की महफ़िल के नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने क़ुरआन और तिलावत के विषय पर तक़रीर की। उन्होंने ग़ज़ा की जंग के बारे में भी कुछ बिंदु बयान किए।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने, इस्लामी इंक़ेलाब के नेता का चयन करने और उनके क्रियाकलापों पर नज़र रखने वाली विशेषज्ञ असेंबली के सदस्यों से अपने ख़ेताब में इस्लामी गणराज्य और पश्चिम की लिबरल डेमोक्रेसी के बुनियादी फ़र्क़ पर प्रकाश डाला। आपने कुछ अनुशंसाएं भी कीं।(1)
इस्लामी इक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने वृक्षारोपण दिवस 15 इस्फ़ंद बराबर 5 मार्च और प्राकृतिक संसाधन सप्ताह के मौक़े पर 5 मार्च को 3 पौधे लगाए और इस मौक़े पर संक्षिप्त में बयान दिया। आपने प्रकृति और वृक्षारोपण की अहमियत के बारे में बात की और साथ ही 1 मार्च 2024 को होने वाले संसदीय चुनाव और विशेषज्ञ असेंबली के चुनावों में भरपूर शिरकत पर अवाम का शुक्रिया अदा किया। इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की मज़लूमियत और दृढ़ता का ज़िक्र किया।
ईरान में ससंदीय और विशेषज्ञ असेंबली के चुनाव के अवसर पर इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई से फ़र्स्ट टाइम वोटर्ज़ और शहीदों के परिवारों ने 28 फ़रवरी 2024 को मुलाक़ात की। (1) इस मौक़े पर आयतुल्लाह ख़ामेनेई की तक़रीरः
ख़ूज़िस्तान प्रांत के शहीदों पर राष्ट्रीय सम्मेलन की आयोजक कमेटी ने रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह ख़ामेनेई से मुलाक़ात की। 24 फ़रवरी 2024 को इस मुलाक़ात में आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने ख़ूज़िस्तान प्रांत और शहीदों के विषय पर अहम बिंदुओं को रेखांकित किया।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने 22 फ़रवरी 2024 को ईरान में चालीसवें अंतर्राष्ट्रीय क़ुरआन मुक़ाबले के प्रतिभागियों से ख़ेताब में क़ुरआन को मार्गदर्शन और चेतावनी देने वाली किताब क़रार दिया। आपने क़ुरआनी शिक्षाओं के विषय पर बात करते हुए ग़ज़ा और फ़िलिस्तीन के सिलसिले में इन शिक्षाओं पर अमल की मौजूदा स्थिति के बारे में कुछ अहम सवाल किए। (1)
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने तबरेज़ के अवाम के 18 फ़रवरी 1978 के ऐतिहासिक आंदोलन की सालगिरह पर पूर्वी आज़रबाइजान प्रांत से आने वाले हज़ारों लोगों से इमाम ख़ुमैनी इमाम बारगाह में खेताब किया। 18 फ़रवरी 2024 को अपनी इस तक़रीर में आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने ऐतिहासिक आंदोलन के बारे में बात की। आपने इस्लामी इंक़ेलाब की उपलब्धियों को बयान किया और 1 मार्च 2024 को संसद और विशेषज्ञ असेंबली के चुनावों के बारे में कुछ निर्देश दिए। (1)
पैग़म्बरे इस्लाम की ‘बेसत’ (पैग़म्बरी के एलान) की सालगिरह के मौक़े पर मुल्क के ओहदेदारों, इस्लामी देशों के राजदूतों, प्रतिनिधियों और समाज के अलग अलग वर्गों के लोगों ने इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से 8 फ़रवरी 2024 को इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में मुलाक़ात की।
इस मौक़े पर अपने ख़ेताब में आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने ‘बेसत’ के बारे में महत्वपूर्ण बिंदु बयान किए। उन्होंने फ़िलिस्तीन और ग़ज़ा की जंग के बारे में बात की। (1)
एयरफ़ोर्स के कर्मचारियों की ओर से 8 फ़रवरी 1979 को इमाम ख़ुमैनी की ऐतिहासिक बैअत (आज्ञापलन के वचन) की सालगिरह के मौक़े पर मुल्क की एयरफ़ोर्स और फ़ौज के एयर डिफ़ेन्स विभाग के कुछ कमांडरों ने इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से 5 फ़रवरी 2024 को इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने इस ऐतिहासिक वाक़ये की अहमियत और इस्लामी समाज के ख़वास और विशिष्ट लोगों के वर्ग की मुख्य हैसियत और ज़िम्मेदारियों पर रौशनी डाली।(1)
इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने 30 जनवरी 2024 को कारख़ानों के मालिकों और व्यवसियों से मुलाक़ात में आर्थिक विकास में प्राइवेट सेक्टर के योगदान के महत्व के बारे में बात की। आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने प्राइवेट सेक्टर और सरकार को इसी संदर्भ में कुछ निर्देश दिए।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने 17 जनवरी 2024 को मुल्क के नमाज़े जुमा के इमामों से मुलाक़ात में नमाज़े जुमा के महत्व और नमाज़े जुमा के इमामों की ज़िम्मेदारियों पर बात की। आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने ग़ज़ा जंग और यमन की ओर से फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में उठाए गए महत्वपूर्ण क़दमों का भी ज़िक्र किया।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने 23 जनवरी 2024 को तेहरान के शहीदों पर सेमीनार के आयोजकों से मुलाक़ात में अहम और निर्णायक मसलों में तेहरान के अवाम और अहम हस्तियों के मूल्यवान योगदान का ज़िक्र किया। आपने शहीद और शहादत के विषय पर बड़ी अहम गुफ़्तगू की साथ ही ग़ज़ा के हालात के बारे में कुछ बिंदुओं को रेखांकित किया। (1)
इस्लामी गणराज्य ईरान की सिपाहे पासदाराने इंक़ेलाब आईआरजीसी की क़ुद्स फ़ोर्स के पूर्व कमांडर शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी की चौथी बरसी से पहले शहीदों के घरवालों ने इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की। 31 दिसंबर 2023 को होने वाली इस मुलाक़ात में आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने शहीद सुलैमानी की शख़्सियत और उनकी ओर से की गयी सेवा के बारे में बात की और इस राह में उनके घरवालों के रोल और सहयोग का ज़िक्र किया। (1)