21/07/2022
ईरान का स्टैंड सीरिया पर फ़ौजी कार्यवाही का विरोध और उसकी रोकथाम पर ताकीद है। सीरिया के ‎तअल्लुक़ से एक और अहम मसला पूर्वी फ़ुरात के उपजाऊ और तेल संपन्न इलाक़े पर अमरीकियों ‎का क़ब्ज़ा है और उन्हें इस इलाक़े से बेदख़ल करके इस मसले को हल किया जाना चाहिए। इमाम ख़ामेनेई 19 जुलाई 2022
20/07/2022
सीरिया के उत्तरी इलाक़ों पर हमला सीरिया, तुर्की और पूरे इलाक़े के लिए नुक़सानदेह और आतंकियों के लिए फ़ायदेमंद होगा और यह कार्यवाही हुई तो सीरिया की तरफ़ से अपेक्षित राजनैतिक प्रक्रिया भी अमली जामा नहीं पहन सकेगी। इमाम ख़ामेनेई 19 जुलाई 2022
19/07/2022
ईरान के दौरे पर आए तुर्क राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की।
20/07/2022
तेहरान के दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन ने इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की।
18/07/2022
कायनात में और आलमे इंसानियत में हज़रत अली अलैहिस्सलाम की ज़बान से निकले ये जुमले आज तक गूंज रहे हैं: ऐ दुनिया के जलवो! ऐ दुनिया की कशिश! ऐ वो ख़्वाहिशो! जो बड़े मज़बूत इंसानों को भी अपने जाल में फंसा लेती हैं, जाओ जाकर अली के अलावा किसी और को धोखा देने की कोशिश करो। अली इन चीज़ों से कहीं ज़्यादा बुलंद और मज़बूत है। इमाम ख़ामेनेई 30 जनवरी 1991
18/07/2022
ग़दीर के दिन, इस्लामी समाज की रहबरी के विषय के शामिल होने से दुश्मन मायूस हुआ।
17/07/2022
बक़रीद और ईद ग़दीर के मौक़े पर सुप्रीम लीडर ने 2000 से ज़्यादा क़ैदियों और सज़ा पाने वालों की सज़ा माफ़ या कम करने पर सहमति जताई है।
17/07/2022
अल्लाह इस बड़ी ईद और मौला अली के ज़िक्र की बरकत से आपके दिल को हमेशा अपने करम से रौशन रखे।
16/07/2022
ग़दीर का विषय अपनी रूह के एतेबार से केवल शीयों से तअल्लुक़ नहीं रखता बल्कि इसका तअल्लुक़ पूरे इस्लामी जगत से है। इमाम ख़ामेनेई 20 फ़रवरी 2003
16/07/2022
ग़दीर में, फ़ख़्र की बात है कि अल्लाह के फ़रमान के मुताबिक़, पैग़म्बर के हाथों आपको ख़लीफ़ा बनाया गया।
15/07/2022
हमने अपने आपको अल्लाह के नियम के मुताबिक़, ढाल लिया था तो अल्लाह ने भी नतीजा दिया। 
12/07/2022
वेबसाइट KHAMENEI.IR मस्जिदे गौहरशाद में जुलाई 1935 में हिजाब पर पाबंदी लगाने के शाही फ़रमान के ख़िलाफ़ प्रदर्शनकारियों के क़त्लेआम की बरसी के मौक़े पर रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई की एक स्पीच के कुछ हिस्से पेश कर रही है।
09/07/2022
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई की ओर से सन 2022 का हज संदेश जारी हुआ।
09/07/2022
अगर हम समझ सकें तो इस दिन (अरफ़ा के दिन) दोपहर बाद का वक़्त, जन्नती वक़्त है। इतनी अज़मतों की मालिक इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम जैसी शख़्सियत, अपना आधा दिन यूंही इस दुआ में नहीं बिता सकती है। इस दुआ के अर्थों पर ध्यान देने की ज़रूर कोशिश कीजिए, ध्यान दीजिए कि दुआ में क्या कहा जा रहा है। न यह कि बैठ कर सोचते रहिए-इनमें ग़ौर फ़िक्र करने की ज़रूरत नहीं है-जब आप बात कर रहे हैं तो यह मन में रहे कि आप किसी से बात कर रहे हैं और उस बात के अर्थ को समझिए कि वह क्या है। अरफ़ा के दिन इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की दुआ, इमाम हुसैन की दुआए अरफ़ा की व्याख्या की तरह है। मानो इस बेटे नें अपने पिता के शब्दों के नीचे एक हाशिया, एक व्याख्या दुआ की ज़बान में लिखी है। दोनों का अलग अलग ही मज़ा है। इमाम ख़ामेनेई 26 मई 1993
08/07/2022
रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने अपने पैग़ामे हज में हज के गहरे पहलुओं की तरफ़ इशारा करते हुए इस्लामी जगत के सामने मौजूद चुनौतियों और दुश्मन की चालों को रेखांकित किया है।
08/07/2022
रहबरे इंक़ेलाबे इस्लामी आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अपने हज के संदेश में एकता व रूहानियत को हज के दो बुनियादी स्तंभ और इस्लामी उम्मत की इज़्ज़त व सआदत के दो अहम कारक बताया और इस्लामी जागरूकता व आत्म विवेक के फैलाव और प्रतिरोध के आश्चर्यचकित कर देने वाले कारक के सामने आने के रौशन नतीजों पर ज़ोर देते हुए कहाः घमंडी पश्चिम हमारे संवेदनशील इलाक़े और हालिया दिनों में पूरी दुनिया में दिन ब दिन कमज़ोर हुआ है लेकिन दुश्मन की चालों की तरफ़ से एक पल के लिए भी ग़ाफ़िल नहीं रहना चाहिए और अपनी कोशिश, जागरूकता, आशा और आत्म विश्वास में, जो भविष्य के निर्माण के लिए सबसे बड़ी पूंजी है, इज़ाफ़ा करते रहना चाहिए। रहबरे इंक़ेलाबे इस्लामी का पैग़ामे हज, मुशरेकीन से बराअत के प्रोग्राम में, हज व ज़ियारत के मामलों में उनके प्रतिनिधि और ईरानी हाजियों के सरपरस्त हुज्जतुल इस्लाम वल मुसलेमीन नव्वाब ने मैदाने अरफ़ात में पढ़ कर सुनाया।
07/07/2022
इमाम मुहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम ने शीयों का बहुत बड़ा और ‎मज़बूत पोशीदा नेटवर्क तैयार करने के लिए हर मुमकिन शरई ज़रिए का ‎इस्तेमाल किया। 16 सितम्बर 1988‎यही चीज़ कि आप कुछ लोगों को अपने वकील और नायब के तौर पर ‎नियुक्त कर देते थे जो आपकी तबलीग़ और तालीमात की तरवीज का ‎मिशन अंजाम दें। यह इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम के पोशीदा नेटवर्क ‎का हिस्सा था जिसका आग़ाज़ इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम से पहले ही ‎हो चुका था मगर आपके दौर में इस काम में नई शिद्दत और रफ़तार ‎पैदा हुई क्योंकि यह बड़े जोखिम का काम था। ‎इमाम ख़ामेनेई 31 जुलाई 1987
07/07/2022
हज रहस्यों और अलामतों से भरी इबादत है। इमाम ख़ामेनेई ने 19 जुलाई 2021 को हज संदेश जारी किया।
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