02/11/2022
शीराज़ में दाइश के आतंकी हमले में घायल होने वाला बच्चा आरतीन सेरायदारान आज आयातुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से स्टूडेंट्स की मुलाक़ात में शामिल हुआ।5 बरस का बच्चा आरतीन इस आतंकी हमले में घायल हो गया मगर अपने माँ-बाप और भाई को खो बैठा।आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने इस मौक़े पर सहानुभूति जताई। 26 अक्तूबर को शीराज़ शहर में हज़रत अहमद इब्ने मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम (शाहचेराग़) के पवित्र रौज़े पर आतंकवादी ग्रुप दाइश के आतंकी हमले में 15 लोग शहीद और बहुत से अन्य घायल हो गए थे।
02/11/2022
इस्लामी जुम्हूरिया ईरान में विश्व साम्राज्यवाद से मुक़ाबले के क़ौमी दिन 13 आबान (14 नवंबर) की मुनासेबत से सैकड़ों की तादाद में स्टूडेंट्स ने इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की।
02/11/2022
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनेई ने 4 नवम्बर के यादगार दिन की मुनासेबत से बुधवार 2 नवम्बर 2022 को स्टुडेंट्स के बीच अपनी तक़रीर में 4 नवम्बर की तारीख़ की अहमियत को बयान किया। इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने मौजूदा हालात, साम्राज्यवादी ताक़तों की साज़िशों और शैलियों और न्यू वर्ल्ड आर्डर के बारे में बड़े अहम प्वाइंट ब्यान किए। 4 नवम्बर बराबर 13 आबान को ईरान में छात्र दिवस और विश्व साम्राज्यवाद से मुक़ाबले का दिन मनाया जाता है। तक़रीर पेश हैः
01/11/2022
अपनी व्यक्तिगत सलाहियत को क़ौमी सलाहियत में बदलना, जीनियस लोगों से इस्लामी इंक़ेलाब के नेता की अपेक्षा।
01/11/2022
हमारे साइंटिस्ट और इंटलेक्चुअल जिस मैदान में भी उतरे, उसमें उन्होंने ऐसा काम किया कि दुनिया के इल्मी व साइंसी हल्क़ों ने उनकी तारीफ़ की।यह मैं इसलिए कह रहा हूँ कि आप लोग जो मुमताज़ सलाहियत के लोग हैं, अपनी क़द्र समझें, जो लोग बाहर बैठे हुए हैं, वे आपकी क़द्र समझें, मैं तो आपका बहुत बड़ा क़द्रदान हूं, अल्लाह करे कि हम आपकी कुछ मदद कर सकें। इमाम ख़ामेनेई 19 अक्तूबर 2022
31/10/2022
ठीक तीन साल पहले इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लडीर ने ग़ैर मामूली सलाहियत के मालिक नौजवानों से मुलाक़ात में कहा थाः ʺमुझे यक़ीन है कि आप नौजवान इतिहास और इस तरह की चीज़ों को ज़्यादा अहमियत नहीं देते। जो कुछ हुआ है, उसका हज़ारवां हिस्सा भी आपने बातों और प्रोपैगंडों में नहीं सुना है।ʺ यह बातें, जो हमारी तारीख़ में अंग्रेज़ों के क्राइम की तस्वीर पेश करती हैं, एक मोतबर राइटर ने बयान की हैं, एक इंक़ेलाबी व साम्राज्यवाद मुख़ालिफ़ इंसान, जवाहरलाल नेहरू।
30/10/2022
सेक्युरिटी इंस्टीट्यूशन्स और जुडीशियरी से लेकर वैचारिक और तबलीग़ी काम करने वाले लोग और अज़ीज़ अवाम ‎तक सब उस धड़े के ख़िलाफ़ मुत्तहिद हो जाएं जो इंसानों की जानों, सलामती और मुक़द्दस जगहों को अहमियत ‎नहीं देता और उनका अपमान करता है। इमाम ख़ामेनेई 27 अक्तूबर 2022
30/10/2022
वे हैरतअंगेज़ लम्हें, जिनमें किसी हक़ीक़त तक, दुनिया के बड़े बड़े साइंटिस्टों की पहुंच हुयी, वह अल्लाह की मदद का लम्हा है।
29/10/2022
मुझे जब भी कभी शहीदों के घरवालों से मुलाक़ात का शरफ़ हासिल होता है और मैं अक़ीदत से उनसे मुलाक़ात करने जाता हूं तो कुछ माँए कहती हैं कि हम रोते नहीं हैं ताकि दुश्मन हमें कमज़ोर न समझे। इन दिलों में कितनी अज़मत छिपी हुई है!? इमाम ख़ामनेई 31 अगस्त 1999
26/10/2022
कोरोना की मुश्किल हलके हो जाने के बाद, उम्मीद जगाने वाली इस बैठक के आयोजन पर अल्लाह का बहुत शुक्रगुज़ार हूं।
25/10/2022
यह हंगामे मंसूबे के साथ करवाए गए। बाहरी सरकारों को यह महसूस हो रहा है, नज़र आ रहा है कि मुल्क हर पहलू से मज़बूती की तरफ़ बढ़ रहा है और यह उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है। वो नहीं चाहतीं कि ऐसा हो। इस तरक़्क़ी को रोकने के लिए उन्होंने यह साज़िश रची थी। इमाम ख़ामेनेई 3 अकतूबर 2022
24/10/2022
कभी यह दुनिया दो बड़ी ताक़तों की मुट्ठी में थी। एक ताक़त अमरीका और दूसरी ताक़त पूर्व सोवियत युनियन। एक मसले पर यह दोनों मुत्तफ़िक़ थे और वह मसला था इस्लामी जुमहूरिया की दुश्मनी। इमाम ख़ुमैनी उनके मुक़ाबले में डट गए। झुकना गवारा न किया। साफ़ कह दियाः "न पूरब न पश्चिम" दुश्मन समझ रहे थे कि यह लक्ष्य पूरा नहीं होगा। सोच रहे थे कि इस पौधे को उखाड़ फेंकेंगे। मगर पौधा आज तनावर दरख़्त बन गया है। इसे उखाड़ फेंकने की बात सोचना उनकी हिमाक़त ही होगी। इमाम ख़ामेनेई 14 अकतूबर 2022
24/10/2022
"विश्व इतिहास की झलकियां" में नेहरू ने ब्रिटिश साम्राज्य के भारत में प्रवेश और वहाँ उसकी करतूतों का तफ़सील से ज़िक्र किया है। 
23/10/2022
जिस शियत का मरकज़ और पनाहगाह लंदन है उसे हम नहीं मानते। जिस शियत का वजूद तफ़रक़ा फैलाने और इस्लाम के दुश्मनों के लिए रास्ता साफ़ करने पर टिका है वह शियत नहीं। यह खुली हुई गुमराही है। इमाम ख़ामेनेई 17 अगस्त 2015
22/10/2022
मुल्क की तरक़्क़ी का एक अहम स्तंभ युनिवर्सिटी है। दुश्मन जिस क़द्र ‎युनिवर्सिटियों को मुअत्तल और कमज़ोर कर सकेंगे, तरक़्क़ी के दुश्मनों के ‎लिए उतना ही अच्छा है। युनिवर्सिटी इम्पेरियल ताक़तों की राह में सबसे ‎बड़ी रुकावट है। ‎ इमाम ख़ामेनेई 19 अकतूबर 2022
22/10/2022
कम मुद्दत में ईरानी क़ौम के साम्राज्यवाद की नीतियों के ख़िलाफ़ कारनामे से घबराया हुआ दुश्मन, ख़ामोश नहीं बैठ सकता इसलिए वह बचकाना व बेवक़ूफ़ी भरा रिएक्शन दिखा रहा है। 
22/10/2022
कुछ साल पहले तक ईरान के आधुनिक ड्रोन और मीसाईल को पश्चिम, फ़ोटोशाप से तैयार की गयी तस्वीर कहते थे, अब कहते हैं कि ईरानी ड्रोन बहुत ख़तरनाक है।
20/10/2022
अक़ीदे और नज़रिये में इख़्तेलाफ़ को विवाद में बदलने नहीं देना चाहिए।
19/10/2022
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनेई से मुल्क के जीनियस और इल्मी लियाक़त रखने वाले सैकड़ों लोगों ने मुलाक़ात की।
19/10/2022
ईरान की जवान नस्ल, प्रोपैगंडों के बरख़िलाफ़, सभी मैदानों में शानदार रोल अदा कर रही है।
19/10/2022
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने 19 अक्तूबर 2022 को मुल्क के जीनियस और मुमताज़ इल्मी सलाहियत के मालिक नौनौजवानों से मुलाक़ात में तक़रीर की। इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में होने वाली अपनी तक़रीर में इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने मुमताज़ इल्मी क़ाबिलियत को अल्लाह की नेमत क़रार दिया और इसके बेहतरीन इस्तेमाल के विषय पर बात की। आपने साइंस व टेक्नालोजी के मैदान में ईरान की हैरतअंगेज़ तरक़्क़ी की मिसालें बयान कीं और कुछ हिदायतें दीं। (1) तक़रीर का तरजुमा पेश हैः
18/10/2022
ये दंगे और अशांति, अमरीका और ज़ायोनी शासन और उसके किराए के टट्टुओं की थी।
18/10/2022
मुराद इस्लामी उम्मत के हितों की हिफ़ाज़त में एकता है। इस्लामी ‎उम्मत के हित क्या हैं, किस से दुश्मनी और किस से दोस्ती रखना है, इस बारे में आपसी बातचीत से सहमति ‎बने। इससे मुराद हैः साम्राज्यवाद की साज़िशों के मुक़ाबले में एकजुट कोशिश। इमाम ख़ामेनेई 12 अकतूबर 2022
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