30/04/2022
पूरी दुनिया के मुस्लिम भाईयों और बहनों को सलाम! इस्लामी दुनिया के सभी नौजवानों को सलाम! सलाम हो, फ़िलिस्तीन के बहादुर और ग़ैरतमंद नौजवानों पर! सलाम हो #फ़िलिस्तीन के अवाम पर! इमाम ख़ामेनेई 7 मई सन 2021
30/04/2022
ज़ायोनी दुश्मन हर साल पिछले साल की तुलना में ज़्यादा कमज़ोर हुआ है। उसकी फ़ौज जो ख़ुद को ‎नाक़ाबिले शिकस्त बताती थी, आज लेबनान में 33 दिन और ग़ज़्ज़ा में 22 दिन और 8 दिन की ‎जंगों में शिकस्त खाकर एक ऐसी फ़ौज बन कर रह गई है जो कभी कामयाबी का मुंह नहीं देख ‎सकती। इमाम ख़ामेनेई 7 मई सन 2021‎
29/04/2022
फ़िलिस्तीन मज़लूम भी है और ताक़तवर भी। मैंने कई साल पहले यही बात ईरान के सिलसिले में कही थी। आज फ़िलिस्तीन वाक़ई ताक़तवर बन चुका है। फ़िलिस्तीनी नौजवान फ़िलिस्तीन का विषय भुला दिए जाने का मौक़ा नहीं दे रहे हैं। दुश्मन के अपराधों के सामने डटकर खड़े हैं।
29/04/2022
फ़िलिस्तीनी चाहे ग़ज़्ज़ा में हों, क़ुद्स में हों, वेस्ट बैंक के इलाक़े में हों, चाहे 1948 में ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़े ‎में लिए गए इलाक़ों में हों, चाहे कैम्पों में हों, सब एक सामाजिक इकाई हैं। उन्हें एक दूसरे से जुड़े ‎रहने की स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए। हर इलाक़े को दूसरे इलाक़े की हिफ़ाज़त करनी चाहिए और उन ‎पर दबाव की हालत में उन सभी संसाधनों को इस्तेमाल करना चाहिए जो उनके पास हैं।
29/04/2022
विश्व क़ुद्स दिवस के मौक़े पर इस्लामी इंक़ेलाब के लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने फ़िलिस्तीन के मसले के संबंध में अहम बिंदुओं पर प्रकाश डाला। 27 रमज़ान 1443 हिजरी क़मरी बराबर 29 अप्रैल 2022 को आयतुल्लाह ख़ामेनेई की यह तक़रीर टीवी चैनलों से लाइव प्रसारित की गई। तक़रीर का अनुवादः
29/04/2022
हमारे महान इमाम (स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी) ने एलान किया कि इस क्रांति का एक मक़सद फ़िलिस्तीन की आज़ादी और ...
28/04/2022
फ़िलिस्तीन का मसला हल करने और इस पुराने घाव को ठीक करने के लिए इस्लामी गणराज्य ईरान का सुझाव बिल्कुल साफ़, तर्कपूर्ण और विश्व जनमत के स्तर पर मान्य राजनैतिक पैमानों के मुताबिक़ है जिसे पहले भी विस्तार से पेश किया जा चुका है।
28/04/2022
अमरीकी और अमरीका के पिट्ठुओं की नीतियों के बरख़िलाफ़ जो चाहते थे कि फ़िलिस्तीन के मुद्दे को भुला दिया जाए, दिन ब दिन फ़िलिस्तीन का मुद्दा उभरता जा रहा है। 
27/04/2022
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने बल देकर कहा कि इस्लामी क्रांति ने यूनिवर्सिटी के लिए जो बड़ा काम किया वह यह था कि उसने ईरानी क़ौम को पहचान देकर यूनिवर्सिटी को उसकी पहचान दी। क्रांति से क़ौम को पहचान, आदर्श होने और स्वावलंबन का ज़ज़्बा दिया और उसके सामने क्षितिज को स्पष्ट किया।
26/04/2022
इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से युनिवर्सिटियों के छात्रों और छात्र युनियनों के प्रतिनिधियों ने इमाम ख़ुमेनी इमाम बारगाह में तफ़सीली मुलाक़ात और अलग अलग विषयों पर खुलकर अपनी राय रखी। 26 अप्रैल 2022 की इस मुलाक़ात में सुप्रीम लीडर ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए, कुछ सिफ़ारिशें कीं और प्रमुख राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी नीतिगत बात पेश की। सुप्रीम लीडर की स्पीचः
13/04/2022
ईरान की इस्लामी लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के शीर्ष पदाधिकारियों ने मंगलवार 12 अप्रैल 2022 को इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की। इस अवसर अपने संबोधन में आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने देश के सभी मसलों को हल होने के लायक़ बताते हुए इस साल के नारे के अनेक आयामों को बयान किया।
12/04/2022
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता इमाम ख़ामेनेई ने मंगलवार 12 अप्रैल 2022 की शाम को इस्लामी शासन व्यवसथा के उच्चाधिकारियों से मुलाक़ात में कहा कि देश के सामने मौजूद सारे मुद्दे हल होने के क़ाबिल हैं। उन्होंने नए साल के नारे का विवरण पेश किया। सुप्रीम लीडर ने फ़िलिस्तीनी इलाक़ों में फैली जागरूकता और फ़िलिस्तीनी युवाओं की कार्यवाहियों की सराहना की। उन्होंने सऊदी अधिकारियों को यमन की जंग बंद करने की नसीहत की।(1) इस्लामी क्रांति के नेता की स्पीच का हिंदी अनुवादः
30/11/2021
फ़िलिस्तीन तो यक़ीनन आज़ाद होगा और फ़िलिस्तीनियों को ‎वापस मिलेगा। वहां फ़िलिस्तीनी हुकूमत बनेगी। इसमें कोई ‎शक नहीं। लेकिन अमरीका और पश्चिम की बदनामी का ‎दाग़ मिटने वाला नहीं है। इमाम ख़ामेनेई 27 फ़रवरी 2010
24/10/2021
24 अक्तूबर 2021 को इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर ने इस मुलाक़ात में पैग़म्बरे इस्लाम की पैदाइश की मुबारकबाद दी और इस शुभ जन्म दिन को पूरी इंसानियत की ज़िन्दगी में नए दौर का आग़ाज़ बताया। सर्वोच्च नेता के भाषण का हिंदी अनुवाद पेश हैः पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल लाहो अलैहि व आलेही व सल्लम और उनके छठे उत्तराधिकारी इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम की पैदाइश के मुबारक दिन पर तीनों पालिकाओं के चीफ़, इस्लामी व्यवस्था के अधिकारियों और पैंतीसवी अंतर्राष्ट्रीय इस्लामी एकता कॉन्फ़्रेंस में भाग लेने वाले मेहमानों ने रविवार को आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की।