हमने उन के भ्रष्टाचार के बारे में जो कुछ सुना था वह एक तरफ़ और उस बदनाम और भ्रष्ट जज़ीरे का मामला एक तरफ़! ये चीजें वास्तव में पश्चिमी सभ्यता की तस्वीर पेश करती हैं। यह जो हम पश्चिमी सभ्यता, पश्चिम के उदारवादी लोकतंत्र के बारे में बात करते हैं, वह यही है। दो सौ साल, तीन सौ साल काम करते हैं, उसका नतीजा एक ऐसी चीज़ होती है। यह जज़ीरा एक नमूना है, इस तरह की बातें बहुत अधिक हैं। जिस तरह से यह चीज़ प्रकट नहीं थी मगर सामने आ ही गई, उसी तरह बहुत सी दूसरी चीज़ें भी हैं और वे भी सामने आएंगी।
इमाम ख़ामेनेई
17 फ़रवरी 2026