बिस्मिल्लाह अर्रहमान अर्रहीम
इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन
महान ईरानी राष्ट्र!
अज़ीम ईरानी क़ौम के नेता और इस्लामी उम्मह के अलमबरदार हज़रत इमाम ख़ामेनेई की अज़ीम रूह पवित्र रमज़ान के मुबारक महीने में शहादत का शहद नोश करके आलमे मलकूत से जा मिली।
इस सिलसिले में सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से एक बयान जारी किया गया है जो इस प्रकार हैः
बिस्मिल्लाह अर्रहमान अर्रहीम
महान ईरानी राष्ट्र, दुनिया के आज़ाद इंसानों और इस्लामी जगत के नेता हज़रत इमाम ख़ामेनेई (अल्लाह उनकी पाकीज़ा रुह को मुक़द्दस क़रार दे) की अज़ीम रूह आलमे मलकूत से जा मिली और उनकी पुरानी आरज़ू पूरी हुई और उन्होंने अपने बुज़ुर्गवार दादा इमाम अली अलैहिस्सलाम के अनुसरण में रमज़ान के मुबारक महीने में "काबे की क़सम मैं कामयाब हो गया" की आसमानी आवाज़ को दोहराया और अल्लाह की पाकीज़ा बारगाह से जा मिले और इस मुबारक महीने में शहादत का मीठा जाम पिया।
आज बहादुर ईरान, इस्लामी जगत और दुनिया के आज़ाद इंसान, अपराधी अमरीका और शैतान ज़ायोनियों के दुष्ट हमले से दुखी हैं लेकिन निर्दयी दुश्मन और अंतर्राष्ट्रीय ज़ालिम जहन्नमी ये जान लें कि दुनिया के बेदार दिलों को रास्ता मिल गया है और ये शहादत अगरचे हमारी क़ौम और इस्लामी क़ौमों के लिए बहुत संगीन है लेकिन उन्हें ज़्यादा प्रतिरोधी और ज़्यादा मज़बूत इरादे वाली बनाएगी और इस बात में शक नहीं कि इस महान हस्ती की शहादत दुनिया के ज़ालिमों के ख़िलाफ़ एक तहरीक का आरंभ बिंदु बनेगी।
“और सलाम हो उन पर जिस दिन वह पैदा हुए, जिस दिन इस दुनिया से गए और जिस दिन ज़िंदा उठाए जाएंगे! ”
सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद