16/01/2022
शहीद क़ामिस सुलैमानी की दूसरी बरसी पर वेबसाइट Khamenei.ir ने आईआरजीसी के चीफ़ कमांडर जनरल हुसैन सलामी से बातचीत में शहीद सुलैमानी की ज़िंदगी और उनकी शहादत के असर की समीक्षा की है।
13/01/2022
जिन लोगों ने सुलैमानी को शहीद किया, ट्रम्प और उनके जैसे लोग, वह इतिहास में दफ़्न हो जाएंगे, लेकिन सुलैमानी अमर हैं। उनके दुश्मन विलुप्त हो जाएंगे, अलबत्ता इंशाअल्लाह दुनिया में ख़मियाज़ा भुगतने के बाद। इमाम ख़ामेनेई 1 जनवरी 2022
09/01/2022
ख़ुद हमारे इस ज़माने में भी हमारे इन्हीं शहीद, शहीद सुलैमानी की शहादत सच में एक तारीख़ी और अजीब घटना बन गई। तेहरान में शव यात्रा, किरमान में शव यात्रा, तबरेज़ में शव यात्रा और अनेक शहरों में शव यात्रा। मशहद में शवयात्रा, इराक़ में वह वैभूवपूर्ण शव यात्रा और अगर यह प्रोग्राम होता कि इस शहीद के पवित्र शव को सीरिया व लेबनान ले जाया जाए तो वहां भी यही होता, अगर पाकिस्तान ले जाते तो वहां भी यही घटना घटती। इमाम ख़ामेनेई 9 जनवरी 2022
09/01/2022
इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने क़ुम वासियों के ऐतिहासिक आंदोलन की सालगिरह पर क़ुम के अवाम की सभा को विडियो लिंक के ज़रिए संबोधित किया। इस मौक़े पर सुप्रीम लीडर की स्पीच टीवी व रेडियो चैनलों से लाइव टेलीकास्ट हुयी।  19 देय 1356 बराबर 9 जनवरी 1978 क़ुम के अवाम के ऐतिहासिक आंदोलन की आज सालगिरह है। 
07/01/2022
जब भी जंग में हमें कठिन हालात का सामना होता था, तब हमारा सहारा सिर्फ हज़रत ज़हरा होती थीं। हम बीबी ‎ज़हरा से मदद मांगते थे। मैंने उनकी ताक़त, उनकी मामता जंग के मैदान में देखी!‎
04/01/2022
मैं अपने अज़ीज़ शहीद सुलैमानी को कभी भूल नहीं पाउंगा। इमाम ख़ामेनेई 16 दिसम्बर 2020
03/01/2022
मैं हमेशा दिल से और ज़बान से उनकी तारीफ़ करता था लेकिन उन्होंने जो हालात पैदा कर दिए और मुल्क बल्कि पूरे इलाक़े के लिए जिस तरह की स्थिति उत्पन्न की उसे देखकर अब मैं उनको नमन करता हूं। इमाम ख़ामेनेई 8 जनवरी 2020
03/01/2022
इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने 1 जनवरी 2022 की सुबह शहीद क़ासिम सुलैमानी की बर्सी के प्रोग्रामों का आयोजन करने वाली कमेटी और शहीद के परिवार के लोगों से मुलाक़ात में सच्चाई और ख़ुलूस को सुलैमानी विचारधारा का निचोड़, प्रतीक और शिनाख़्त बताया और इलाक़े के युवाओं की नज़र में शहीद सुलैमानी के एक आइडियल की हैसियत अख़तियार कर लेने का हवाला देते हुए कहा कि प्रिय क़ासिम सुलैमानी ईरान की सबसे बड़ी राष्ट्रप्रेमी और इस्लामी जगत की सबसे बड़ी उम्मत प्रेमी हस्ती थे और हैं।(1)
03/01/2022
शहीद सुलैमानी को दोनों मंज़िलें मिलीं। वह विजयी भी हुए और शहादत भी मिली। इमाम ख़ामेनेई 18 फ़रवरी 2020
03/01/2022
इस्लामी दुनिया में उनके नाम और ज़िक्र का बढ़ता असर साबित करता है कि प्रिय सुलैमानी हक़ीक़त में इस्लामी दुनिया की सतह की हस्ती हैं।  इमाम ख़ामेनेई 1 जनवरी 2022
02/01/2022
उनके ‎एक शहीद दोस्त के नवासे का ऑप्रेशन होने वाला था, शहीद ‎अस्पताल पहुंच गए और जब तक ऑप्रेशन पूरा नहीं हो ‎गया, वे वहीं मौजूद रहे। उस बच्चे की मां ने कहा कि जनाब ‎ऑप्रेशन पूरा हो गया, अब आप चले जाइये, जाकर अपने ‎काम निपटाइये। उन्होंने कहाः नहीं, तुम्हारे पिता यानी इस ‎बच्चे के नाना मेरी जगह जा कर शहीद हुए हैं, अब मैं उनकी ‎जगह यहां खड़ा रहूंगा। वे तब तक वहां खड़े रहे जब तक ‎बच्चा होश में नहीं आया। जब उन्हें पूरा इत्मेनान हो गया ‎तब वे वहां से गए।
02/01/2022
सरदार सुलैमानी के जुलूस-ए-जनाज़ा में करोड़ों ईरानी आवाम की शिरकत से साबित हुआ कि शहीद सुलैमानी वास्तविक राष्ट्रीय शख़्सियत थे और हैं। इमाम ख़ामेनेई 1 जनवरी 2022
02/01/2022
शहीद क़ासिम सुलैमानी की ज़िंदगी पर एक नज़र, उनके बचपन से लेकर उनकी शहादत तक, मार्शल आर्ट सीखने से लेकर सीरिया को दाइश से मुक्त कराने तक!
02/01/2022
सरदार क़ासिम सुलैमानी, इस अज़ीज़ के ख़ून की बरकत से प्रतिरोधक मोर्चा दो साल पहले की तुलना में आज ज़्यादा सक्रिय और ज़्यादा आशावर्धक हो चुका है। इमाम ख़ामेनेई 1 जनवरी 2022
02/01/2022
मैं अपने अज़ीज़ शहीद सुलैमानी को कभी भूल नहीं पाउंगा। इमाम ख़ामेनेई 16 दिसम्बर 2020 
01/01/2022
आम लोगों ने शहीद सुलैमानी की क़द्रदानी की, यह उनके ख़ुलूस का नतीजा है। इस अज़ीम इंसान के अंदर एक ख़ास निष्ठा थी। आयतुल्लाह ख़ामेनेई 3 जनवरी 2020
31/12/2021
उन्होंने अपनी ज़िंदगी अल्लाह की राह में जेहाद करते हुए गुज़ार दी, शहादत बरसों से जारी उनके अथक संघर्ष का इनाम थी। इमाम ख़ामेनेई 3 जनवरी 2020
31/12/2021
अमरीकियों ने उसे शहीद कर दिया जो दहशतगर्मी के ख़िलाफ़ जंग में सबसे ताक़तवर और विश्व विख्यात कमांडर था। इमाम ख़ामेनेई 17 जनवरी 2020
31/12/2021
आम लोगों ने शहीद सुलैमानी की क़द्रदानी की, यह उनके ख़ुलूस का नतीजा है। इस अज़ीम इंसान के अंदर एक ख़ास निष्ठा थी। इमाम ख़ामेनेई 3 जनवरी 2020
26/12/2021
शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी की शहादत के बाद इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर ने एक बड़ा अहम संंदेश जारी किया था, जिसे हम शहीद की बरसी के उपलक्ष्य में पेश कर रहे हैं।
02/12/2021
ईलाम प्रांत के तीन हज़ार शहीदों की याद में सेमीनार की आयोजक कमेटी के सदस्यों से मुलाक़ात में सुप्रीम लीडर की तक़रीर, जो 21 नवम्बर 2021 को हुई थी, गुरुवार 2 दिसम्बर 2021 की सुबह इस सेमिनार के आयोजन स्थल पर जारी की गई।
02/12/2021
  ईलाम प्रांत के शहीदों की याद में सेमीनार के आयोजकों से मुलाक़ात में इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर की तक़रीर
02/11/2021
शहीदों को श्रद्धाजलि देने के कार्यक्रम को मामूली काम नहीं समझना चाहिए। वाक़ई यह बड़ा नेक काम है। यह एक फ़र्ज़ है जो अभी अदा नहीं हुआ है। अभी तो शुरुआत है। यह काम जारी रहेंगे और उन्हें जारी रहना ही चाहिए।
02/11/2021
इस्राईल के हाथों शहीद कर दिए जाने वाले परमाणु वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर मजीद शहरयारी के व्यक्तित्व पर एक नज़र
01/11/2021
शहीद चुने हुए लोग हैं, शहीद वे हैं जिन्हें महान अल्लाह चुनता है, शहादत चोटी है, हम में से बहुत ‎से हैं जो उस चोटी पर ‎पहुंचने की आरज़ू रखते हैं, तो हमें उस चोटी के दामन में रास्ता ढूंढना ‎होगा ‎उस रास्ते पर चलना होगा ताकि चोटी तक ‎पहुंच सकें।
31/10/2021
शहीद दुनिया के सबसे बड़े व्यापार में कामयाब हैं। हे ईमान वालो, क्या तुम्हे ऐसा व्यापार दिखाएं जो तुम्हे दर्दनाक अज़ाब से बचाए? अल्लाह और उसके पैग़म्बर पर ईमान लाओ और अपनी जान-माल से अल्लाह की राह में जेहाद करो, अगर जानते हो तो यह तुम्हारे लिए बेहतर है। (सूरए सफ़ आयत 10 व 11) इमाम ख़ामेनेई, 24 अक्तूबर 2021
31/10/2021
शहीद चुने हुए लोग हैं, शहीद वे हैं जिन्हें महान परवरदिगार चुनता है। शहीदों ने सही रास्ते को चुना और अल्लाह ने भी उन्हें मक़सद तक पहुंचने के लिए चुना। शहीदों की क़ीमत को भौतिक हिसाब से आंका नहीं जा सकता। इमाम ख़ामेनेई, 24 अक्तूबर 2021
28/10/2021
जंजान के शहीदों की याद मनाने वाली कमेटी के सदस्यों और कुछ शहीदों के घरवालों ने इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से 16 अक्तूबर को मुलाक़ात की।