नमाज़ में समाज के विभिन्न वर्गों की बड़ी तादाद के अलावा देश के आला सिविल व सैन्य अधिकारी, शहीद हनीया के घर वाले, फ़िलिस्तीन तथा लेबनान के प्रतिरोध संगठनों के कुछ सदस्य शामिल हुए।

इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने नमाज़ के बाद, शहीद हनीया के घर वालों और फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध के अधिकारियों से मुलाक़ात की और उन्हें सांत्वना दी।