11/08/2022
शीया समुदाय के पैकर में आशूर की तपिश नुमायां है। हम देख रहे हैं कि हर जगह शीयों में नज़र आने वाली यह गर्मी उन शोलों से निकली है जिनकी लपटें उस मुक़द्दस रूह और मूल्यवान मिट्टी से उठ रही हैं। यह लोगों की रूहों में समा जाती हैं और इंसानों को दहकती गोलियों में तब्दील करके उनसे दुश्मन के दिल को निशाना बनाती हैं। इमाम ख़ामेनेई 17 मार्च 1974
09/08/2022
इमाम हुसैन को हमेशा हक़ और सत्य के परचम के तौर पर बाक़ी रहना चाहिए। सच्चाई का परचम कभी बातिल की सफ़ में शामिल नहीं हो सकता और बातिल का रंग क़ुबूल नहीं कर सकता। यही वजह थी कि इमाम हुसैन ने फ़रमाया थाः ‘मोहाल है कि हम ज़िल्लत बर्दाश्त कर लें।’ गर्व उस इंसान, मिल्लत और समूह का हक़ है जो अपनी बात पर क़ायम रहे और जिस परचम को बुलंद किया है उसे तूफ़ानों में मिटने और गिरने न दे। इमाम हुसैन ने इस परचम को मज़बूती से थामे रखा और अपने अज़ीज़ों की शहादत और अहले हरम का क़ैदी बनना भी गवारा किया। इमाम ख़ामेनेई 29 मार्च 2002
08/08/2022
ज़ालिम, ज़ुल्म सहने वाला और ख़ामोश तमाशाई तीनों अल्लाह की नज़र में गुनाह में शामिल हैं।
08/08/2022
अल्लाह इस ज़ियारत को मेरे लिए, आपकी आख़िरी ज़ियारत क़रार न दे।
09/08/2022
इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में शामे ग़रीबां की मजलिस हुई जियमें इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने शिरकत की।
07/08/2022
शबे तासूआ (नवीं मुहर्रम की रात) इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की मजलिसे अज़ा इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में आयोजित हुई जिसमें इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने शिरकत की।
06/08/2022
इमाम ख़ुमैनी इमाम बाड़े में दूसरी शब की मजलिस हुई जिसमें इस्लामी इंक़ेलाब के नेता इमाम ख़ामेनेई ने शिरकत की।
06/08/2022
मातमी अंजुमनों की मरकज़ी कमेटी, तेहरान प्रांत की मातमी अंजुमनों के ज़िम्मेदारों और तेहरान प्रांत की तबलीग़ी महिलाओं ने 3 अगस्त 1994 को इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने मातमी अंजुमनों, इमाम हुसैन के आंदोलन और दीनदारी के विषय पर बड़े अहम बिंदु बयान किए। (1) तक़रीर निम्नलिखित हैः
06/08/2022
अगर वे 72 लोग भी इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के साथ न होते तब भी इमाम हुसैन की तहरीक रुकने वाली नहीं थी। यह एक सबक़ है। इमाम हुसैन से हमें यह सबक़ लेना चाहिए कि अल्लाह की राह में जेहाद को सख़्तियों और तनहाई के सबब छोड़ना नहीं चाहिए। इस फ़रीज़े और वाजिब को तनहा पड़ जाने, तादाद कम होने और वतन से दूर होने, साथियों के न होने और दुश्मन सामने मौजूद होने के सबब छोड़ना नहीं चाहिए। इमाम ख़ामेनेई 13 अगस्त 1988
06/08/2022
इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने आंदोलन इसलिए किया कि अपने फ़रीज़े पर अमल करें। 
05/08/2022
इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की अज़ादारी की पहली रात की मजलिस हुई जिसमें  इस्लामी इंक़ेलाब के लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने शिरकत की। 
05/08/2022
मातमी अंजुमनें, ख़ानदाने पैग़म्बर से  हमारी अज़ीम क़ौम की अक़ीदत और आस्था का अज़ीम स्तंभ हैं। 
03/08/2022
इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके वफ़ादार साथियों की शहादत के अवसर पर तेहरान के इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में मजलिसें होंगी जिनमें इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई भी शरीक होंगे।
31/07/2022
तव्वाबीन ज़रूरत के वक़्त मैदान में नहीं आए। सही समय पर कार्यवाही नहीं की। देर से फ़ैसला किया, देर से हालात को समझा।
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