जो चीज़ इंसान को काम करने और आगे बढ़ने का हौसला देती है वह उम्मीद की ताक़त है। इमाम महदी अलैहिस्सलाम के ज़ुहूर का अक़ीदा, दिलों में उम्मीद की किरन पैदा करता है। हमारे लिए जो इमाम महदी अलैहिस्सलाम के ज़ाहिर होने का पुख़्ता अक़ीदा रखते हैं, उस निराशा की कोई अहमियत नहीं है जिसके दुनिया के बहुत से बुद्धिजीवी शिकार हैं। हमारा कहना है कि नहीं, दुनिया के राजनैतिक सिनारियो को बदला जा सकता है। ज़ुल्म और ज़ुल्म से भरे सत्ता के केन्द्रों का मुक़ाबला किया जा सकता है और भविष्य में इस चीज़ का होना न सिर्फ़ यह कि मुमकिन है बल्कि निश्चित है।
इमाम ख़ामेनेई
22/10/2002