15/06/2024
इस साल ‘बराअत’ का विषय, विगत से ज़्यादा नुमायां है। ग़ज़ा की त्रासदी ऐसी है कि हमारे समकालीन इतिहास में इस जैसी कोई और त्रासदी नहीं है और बेरहम व संगदिल तथा बर्बरता की प्रतीक और साथ ही पतन की ओर बढ़ रही ज़ायोनी सरकार की गुस्ताख़ियों ने किसी भी मुसलमान शख़्स, संगठन, सरकार और संप्रदाय के लिए किसी भी तरह की रवादारी की गुंजाइश नहीं छोड़ी है।
15/06/2024
फ़िलिस्तीन और ग़ज़ा के साबिर व मज़लूम अवाम के फ़ौलादी प्रतिरोध को, जिनके सब्र और दृढ़ता ने दुनिया को उनकी तारीफ़ और सम्मान पर मजबूर कर दिया है, हर ओर से सपोर्ट मिलना चाहिए।
15/06/2024
दुनिया के बुनियादी विषयों के बारे में इस्लामी जम्हूरिया ईरान का एक स्टैंड है, एक नज़रिया है। फ़िलिस्तीन के मसले में हमारा एक स्टैंड है, अमरीका से जुड़े विषयों के बारे में हमारा एक स्टैंड है, न्यु वर्ल्ड आर्डर के मसले में हमारा एक नज़रिया है, हमारा स्टैंड है और दुनिया इसको मानती है। यही स्वाधीनता है।
05/06/2024
इस्लामी जम्हूरिया के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी ने फ़िलिस्तीन के बारे में 50 साल या उससे भी ज़्यादा पहले जो भविष्यवाणी की थी वो आज पूरी हो रही है। 
05/06/2024
इमाम ख़ुमैनी का पक्ष यह था कि ख़ुद फ़िलिस्तीनी अवाम अपना हक़ लें और दुनिया की क़ौमें और मुस्लिम क़ौमें उनका समर्थन करें। अगर यह हो गया तो ज़ायोनी हुकूमत पीछे हटने पर मजबूर हो जाएगी। 
05/06/2024
तूफ़ान अलअक़सा ने पूरे वेस्ट एशिया की राजनीति और अर्थ व्यवस्था पर कंट्रोल हासिल करने की ज़ायोनी हुकूमत की व्यापक योजना को ख़त्म कर दिया और यह उम्मीद ही मिटा दी कि इस योजना को वह दोबारा बहाल कर पाएगी। 
05/06/2024
ज़ायोनिस्ट रेजीम के उच्चाधिकारियों और बड़े ओहदेदारों के अंदर बदहवासी और घबराहट फैली हुई है। उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें। 
25/05/2024
मरहूम राष्ट्रपति की निष्ठावान सेवाएं उनके जीवन तक सीमित नहीं हैं, जनाब रईसी ने अपनी ज़िंदगी के बाद भी मुल्क के लिए बड़ी क़ीमती सेवाएं अंजाम दी हैं। 
25/05/2024
राष्ट्रपति का बहुत अज़ीम जुलूसे जनाज़ा इस्लामी जम्हूरिया के पक्ष में एक संदेश रखता था जिससे इस्लामी जम्हूरिया के जनाधार और ताक़त की तस्वीर सामने आई, वह ताक़त जो समाज के अंदर और ईरानी राष्ट्र की गहराइयों में फैली हुई है। 
25/05/2024
(राष्ट्रपति के हेलीकाप्टर की) दुर्घटना हो जाने के बाद अवाम की तरफ़ से मुहब्बत और श्रद्धा का इज़हार और उनकी सलामती के लिए दुआएं इस्लामी इंक़ेलाब और इस्लामी इंक़ेलाब के नारों से अवाम के दिली लगाव की निशानी है। 
19/05/2024
हमारी सरज़मीन में इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के पाक रौज़े के वजूद और पूरे मुल्क और हमारे अवाम के दिलों में उनके आध्यात्मिक वजूद की बरकत पूरी तरह स्पष्ट है। आठवें इमाम अलैहिस्सलाम आध्यात्मिक, वैचारिक और भौतिक लेहाज़ से हमारी क़ौम के सरपरस्त हैं। इमाम ख़ामेनेई 15/03/2003
18/05/2024
हमारी सरज़मीन में इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के पाक रौज़े के वजूद और पूरे मुल्क और हमारे अवाम के दिलों में उनके आध्यात्मिक वजूद की बरकत पूरी तरह स्पष्ट है। आठवें इमाम अलैहिस्सलाम आध्यात्मिक, वैचारिक और भौतिक लेहाज़ से हमारी क़ौम के सरपरस्त हैं। इमाम ख़ामेनेई 15/03/2003
15/05/2024
आयतुल्लाह ख़ामेनेईः मैं चाहता हूं कि किताब पढ़ने का ज़्यादा से ज़्यादा चलन हो क्योंकि मेरा मानना है कि हम किताब के मोहताज हैं, मुख़्तलिफ़ मैदानों के सभी लोगों, मुख़्तलिफ़ उम्र और अलग अलग इल्मी सतह के सभी लोगों को किताब पढ़ने की ज़रूरत है और सही मानी में कोई भी चीज़ किताब की जगह नहीं ले सकती।  आज कल मसरूफ़ रखने वाली चीज़ों जैसे साइबर स्पेस, सोशल मीडिया और इसी तरह की दूसरी चीज़ों ने किताब की जगह ले ली है, यह अच्छी बात नहीं है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि लोग साइबर स्पेस और सोशल मीडिया को न देखें या अख़बार न पढ़ें। पढ़ें! लेकिन इन चीज़ों को किताब की जगह नहीं लेनी चाहिए। तेहरान के पैंतीसवें इंटरनैशनल बुक फ़ेयर के मुआइने के दौरान ईरान के राष्ट्रीय ब्रॉडकास्टिंग विभाग के रिपोर्टर को दिए गए इस्लामी इंक़ेलाब के नेता के इंटरव्यू का एक हिस्सा 13/05/2024
11/05/2024
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई अपनी लाइब्रेरी में
07/05/2024
हज़रत इब्राहीम का उन काफ़िरों के बारे में जो दुश्मनी नहीं करते यह पक्ष है कि उनसे अच्छा बर्ताव किया जाए। मगर एक जगह वो उनसे बेज़ारी का एलान करते हैं जो क़ातिल हैं और लोगों को उनके घर व वतन से बेदख़ल करते हैं। इसका उदाहरण आज कौन है? ज़ायोनी, अमरीका और उनके मददगार।
07/05/2024
आज #फिलिस्तीन को समर्थन की ज़रूरत है। इस्लामी जम्हूरिया ईरान इस मसले में इनके-उनके इंतेज़ार में नहीं रहा और न आइंदा रहेगा। लेकिन अगर मुस्लिम क़ौमों और सरकारों के ताक़तवर हाथ सहयोग करते तो प्रभाव बहुत बढ़ जाता। यह फ़र्ज़ है।
03/05/2024
फ़िलिस्तीन, फ़िलिस्तीनी अवाम का है जिनमें मुसलमान हैं, ईसाई हैं और यहूदी भी हैं। फ़िलिस्तीन उन्हें लौटा दिया जाना चाहिए। वही फ़ैसला करें कि ज़ायोनियों को बाहर निकालना है या वहीं रहने देना है। यह हमारे ज़रिए पेश किया गया समाधान है जो संयुक्त राष्ट्र संघ में भी दर्ज किया गया है।
02/05/2024
जब तक फ़िलिस्तीन उसके अस्ली मालिकों यानी फ़िलिस्तीनियों को वापस नहीं मिल जाता तब तक पश्चिमी एशिया के मसले हल नहीं होंगे। इमाम ख़ामेनेई 01/05/2024
01/05/2024
आप ग़ौर कीजिए! इस्राईल की ज़बानी मुख़ालेफ़त करने पर अमरीका छात्रों के साथ कैसा बर्ताव कर रहा है।
01/05/2024
छात्रों से पेश आने का अमरीकी सरकार का तरीक़ा अमली तौर पर ग़ज़ा में नस्लीय सफ़ाए के भयानक जुर्म में ज़ायोनी हुकूमत के साथ अमरीका के लिप्त होने का सुबूत है। इमाम ख़ामेनेई 01/05/2024
25/04/2024
ज़ायोनी हुकूमत आकर खेत और रिहाइशी मकान को बुल्डोज़र से तबाह कर देती है कि वहां कॉलोनी बनाए। फ़िलिस्तीनी उस घर को बचा रहा है जो उससे छीन लिया गया है। वह आतंकवादी हो गया? आतंकवादी तो वह है जो उन पर बमबारी कर रहा है।
24/04/2024
हम बरसों से अमरीका और यूरोप की सख़्त पाबंदियों का सामना कर रहे हैं। पाबंदियों का लक्ष्य क्या है? झूठ बोलते हैं कि एटमी हथियार और मानवाधिकार की वजह से लगई गईं। ऐसा नहीं है। ईरान पर पाबंदी लगाते हैं आतंकवाद के समर्थन के कारण। उनकी नज़र में आतंकवाद क्या है? #गज़ा के अवाम। 
22/04/2024
इक़बाल, इस्लामी इतिहास की नुमायां शख़्सियतों में से एक हैं और उनमें इतनी गहराई और ऊंचाई है कि मुमकिन ही नहीं कि उनकी किसी एक ख़ुसूसियत या उनकी ज़िंदगी के किसी एक पहलू को मद्देनज़र रखा जाए और उसी पहलू और उसी ख़ुसूसियत पर उन्हें सराहा जाए।
21/04/2024
ज़ायोनी हुकूमत के ख़िलाफ़ 'सच्चा वादा' आप्रेशन में आर्म्ड फ़ोर्सेज़ की मेहनतों और कामयाबियों की दिल से क़द्रदानी करता हूँ।
21/04/2024
'सच्चा वादा' आप्रेशन के दौरान आर्म्ड फ़ोर्सेज़ ने अपनी ताक़त व शक्ति की झलक और ईरानी क़ौम की क़ाबिले तारीफ़ तस्वीर पेश की और अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफ़ार्म पर ईरानी क़ौम के इरादे की ताक़त का लोहा मनवाया।
13/04/2024
जब ज़ायोनी हुकूमत सीरिया में ईरान के काउंसलेट पर हमला करती है तो समझिए उसने हमारी सरज़मीन पर हमला किया है। दुष्ट हुकूमत ने ग़लती कर दी, उसे सज़ा मिलनी चाहिए और सज़ा मिलेगी।
13/04/2024
यह चीज़ कि #फ़िलिस्तीन का मुद्दा #लंदन में #पैरिस में और #वाशिंग्टन में पहले नंबर का मुद्दा बन जाए मामूली बात नहीं है। इसकी कोई नज़ीर नहीं है। साफ़ ज़ाहिर है कि इस्लामी दुनिया में एक नई तब्दीली आ रही है।
04/04/2024
हम उम्मीद करते हैं कि हमारे आज के नौजवान वह दिन देखें जब क़ुद्स मुसलमानों के हाथों में हो और वो वहां नमाज़ अदा करें।  इमाम ख़ामेनेई 03 अप्रैल 2024
02/04/2024
सलाम और रहमत हो इस वाक़ए के शहीदों पर और लानत व धिक्कार हो ज़ालिम हुकूमत के अधिकारियों पर  इस्लाम के बहादुर व त्यागी कमांडर जनरल मोहम्मद रज़ा ज़ाहेदी अपने साथी मुजाहिद मोहम्मद हादी हाज रहीमी के साथ, क़ाबिज़ व घृणित ज़ायोनी हुकूमत की आपराधिक कार्यवाही का शिकार होकर शहीद हो गए। अल्लाह और उसके औलिया का सलाम और रहमत उन पर हो और इस वाक़ए के दूसरे शहीदों पर हो और ज़ालिम व अतिक्रमणकारी हुकूमत के अधिकारियों पर लानत व धिक्कार हो। जनरल ज़ाहेदी और उनके साथ अन्य लोगों की शहादत पर रहबरे इंक़ेलाब के पैग़ाम का एक भाग 2 अप्रैल 2024
29/03/2024
आप अल्लाह के फ़ज़्ल से ग़ज़ा के अवाम की आख़िरी फ़तह को देखेंगे। इमाम ख़ामेनेई  28 मार्च 2024
29/03/2024
यह जो ज़ायोनी हुकूमत इतने सारे सैनिक संसाधनों और दुनिया की ज़ालिम ताक़तों के समर्थन से औरतों और बच्चों का क़त्ले आम कर रही है, इस बात का चिन्ह है कि यह हुकूमत रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ का मुक़ाबला करने और उन्हें शिकस्त देने में सक्षम नहीं है।  इमाम ख़ामेनेई  28 मार्च 2024
28/03/2024
पश्चिम के समर्थन से अंजाम पाने वाले ज़ायोनी सरकार के अपराध और दरिंदगी पर ग़ज़ा के अवाम का तारीख़ी सब्र एक अज़ीम हक़ीक़त है जिसने इस्लाम की मर्यादा बढ़ाई। ग़ज़ा वासियों के सब्र की अज़ीम हक़ीक़त ने फ़िलिस्तीन के विषय को दुश्मन की इच्छा के विपरीत दुनिया का सबसे अहम मुद्दा बना दिया। इमाम ख़ामेनेई   25 मार्च 2024
26/03/2024
शायरी एक संचार माध्यम है। आज दुनिया में चुनौतियां और झड़पें मीडिया के ज़रिए होती हैं। जंग मीडिया की जंग है। जिस के पास ताक़तवर मीडिया है वह अपने लक्ष्य पूरे करने में ज़्यादा कामयाब है। इमाम ख़ामेनेई 20 मार्च 2024
26/03/2024
मिल्लते ईरान का सिविलाइज़ेशनल पैग़ाम और ईरानी क़ौम को मोतबर बनाने वाला पैग़ाम दुनिया में ज़ुल्म के मुक़ाबले में उसके साहसिक रेज़िस्टेंस का पैग़ाम है। मुंहज़ोरी और विस्तारवाद के मुक़ाबले में जिसका प्रतीक आज अमरीका और ज़ायोनी हैं।इमाम ख़ामेनेई 25 मार्च 2024
26/03/2024
शेर में पैग़ाम होना चाहिए। जो अच्छा पैग़ाम हो सकता है वह दीन का पैग़ाम है, अख़लाक़ का पैग़ाम है और सभ्यता पैग़ाम है। इमाम ख़ामेनेई  25 मार्च 2024
22/03/2024
हालिया कुछ महीनों में रेज़िस्टेंस ने अपनी ताक़त का प्रदर्शन किया और अमरीका के समीकरण बिगाड़ दिए। अमरीका इस इलाक़े में, इराक़, सीरिया, लेबनान वग़ैरा पर नियंत्रण चाहता था, रेज़िस्टेंस ने दिखा दिया कि यह संभव नहीं है, अमरीकियों को इस इलाक़े से जाना पड़ेगा। इमाम ख़ामेनेई  20 मार्च 2024
21/03/2024
ग़ज़ा के वाक़यात ने दिखा दिया कि पश्चिम की यह तथाकथित सभ्य दुनिया जो मानवाधिकार की दावेदार है उसकी सोच और उसके अमल पर कैसी तारीकी छायी है। 30 हज़ार से ज़्यादा इंसान बच्चों से लेकर बूढ़ों तक छोटी सी मुद्दत में मार डाले जाते हैं और यह सभ्य दुनिया रोकना तो दूर मदद करती है।  इमाम ख़ामेनेई  20 मार्च 2024
21/03/2024
ग़ज़ा के वाक़यात ने रेज़िस्टेंस फ़्रंट की उपयोगिता साबित कर दी। साबित कर दिया कि पश्चिमी एशिया के इलाक़े में रेज़िस्टेंस फ़्रंट की उपस्थिति बड़ा बुनियादी विषय है। इस रेज़िस्टेंस फ़्रंट को दिन ब दिन अधिक मज़बूत करना चाहिए।    इमाम ख़ामेनेई  20 मार्च 2024
20/03/2024
अज़ीज़ मिल्लते ईरान की सेवा में ईदे नौरोज़ और नए साल की मुबारकबाद पेश करता हूँ जो इस साल रमज़ानुल मुबारक, दिलों की बहार और अध्यात्म की बहार के साथ आया है। मैं ख़ास तौर पर क़ुरबानियां देने वालों के परिवारों और नौरोज़ मनाने वाली सभी क़ौमों की सेवा में मुबारकबाद पेश करता हूं। इमाम ख़ामेनेई  20 मार्च 2024  
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