शहीद सुलैमानी ईमान, पाक नीयत और अमल वाले इंसान थे। ये तीन ख़ुसूसियतें। शोहरत, दिखावे, तारीफ़ और लोगों के बीच छवि बनाने के लिए काम नहीं करते थे।