अमीरुल मोमेनीन अलैहिस्सलाम का पाकीज़ा वजूद, सबसे बड़ी नेकी है, उनका वजूद सभी भलाइयों का साक्षात रूप है। हज़रत ज़हरा ने उनकी रक्षा की, उनकी रक्षा करके, सत्य के मोर्चे को बचा लिया।