19 फ़रवरी 2025 को इंटैलीजेंस मंत्री, उपमंत्री और इस मंत्रालय के अधिकारियों से होने वाली मुलाक़ात में इस्लामी इंक़ेलाब के नेता की स्पीच, आज "मंत्रालय की स्थापना की 40वीं सालगिरह पर और इंटैलीजेंस विभाग के शहीदों" की याद में आयोजित होने वाली कान्फ़्रेंस में जारी की गई। 
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने इस मुलाक़ात में इंटैलीजेंस मंत्रालय में बरसों से इंक़ेलाबी जोश और कार्यशैली के बाक़ी रहने को, इस मंत्रालय की नुमायां ख़ुसूसियतों में गिनवाया और कहा कि इंटैलीजेंस मंत्रालय इंक़ेलाब के प्रति पाबंद रहने वाला एक हक़ीक़ी विभाग है और जिस तरह इस मंत्रालय के सीनियर तत्व इंक़ेलाबी रहे, इसके नए कर्मचारी भी इंक़ेलाब की दिशा में बढ़ रहे हैं जो बड़ी नेमत है। 
उन्होंने इंक़ेलाब के उसूलों की पाबंदी को मुश्किलों के मुक़ाबले में मुल्क के लिए उम्मीद का द्वार खोलने वाला एकमात्र रास्ता बताया और कहा कि मुल्क के आर्थिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में से हर एक की मुश्किल का हल अल्लाह पर भरोसे, इंक़ेलाब के उसूलों की पाबंदी और मुल्क के अच्छे क़ानून और योजनाओं को व्यवहारिक बनाने के लिए गंभीरता से फ़ालोअप करने और पिछड़ेपन की भरपाई में है। 
आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने मुल्क के मामलों को अंजाम देने और मुश्किलों के हल के लिए योजनाबंदी को ज़रूरी बताया और कहा कि जो चीज़ अहम है वह मद्देनज़र नतीजा का हासिल होना है क्योंकि अगर बैठकों, योजनाओं और समयसारणी का नतीजा नज़र न आए तो कोई फ़ायदा नहीं है और अच्छा नतीजा तभी हासिल होगा जग लगातार फ़ालोअप हो। 
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने इंटैलीजेंस तंत्र की एक ज़िम्मेदारी, सरकारों के साथ सहयोग को बताया और कहा कि इंटैलीजेंस मंत्रालय सभी सरकारों के साथ पूरा सहयोग करे ताकि सरकार मुल्क के संचालन की भारी ज़िम्मेदारी को अच्छी तरह अंजाम दे सके। 
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने कहा कि सरकार के साथ इंटैलीजेंस मंत्रालय के सहयोग करने का मतलब, इंटैलीजेंस के लेहाज़ से अच्छा काम करना है। 
उन्होंने इसी तरह इंटैलीजेंस तंत्रों के बीच सभी स्तर पर सहयोग और समन्वय पर बल दिया और इंटैलीजेंस विभाग के लिए नैतिक पाकीज़गी और आध्यात्मिकता पर ध्यान को अहम व ज़रूरी बताया। 
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने 10 फ़रवरी की रैलियों में इस्लामी इंक़ेलाब की ताज़गी के जलवे और इस्लामी इंक़ेलाब के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर दुश्मनी के बावजूद, इंक़ेलाब की रक्षा में जवान नस्ल के बड़ी तादाद में सामने आने को इस्लामी गणराज्य के रूप में इस्लाम की तरक़्क़ी के लिए अल्लाह के इरादे के ज़ाहिर होने की निशानी बताया। उन्होंने कहा कि अल्लाह के इरादे के ज़ाहिर होने का एक और नमूना, न सिर्फ़ योरोप बल्कि अमरीका में ज़ायोनियों के ख़िलाफ़ होने वाले प्रदर्शन और फ़िलिस्तीनी जनता के प्रति दुनिया भर में जनमत की ओर से बढ़ता सपोर्ट है।
इस मुलाक़ात के आग़ाज़ में इंटैलीजेंस मंत्री हुज्जतुल इस्लाम वलमुस्लेमीन ख़तीब ने, सुरक्षा के ख़तरों को नाकाम बनाने और दुश्मन की गुप्तचर सेवाओं पर वार करने में, इस मंत्रालय की गतिविधियों और प्रोग्रामों पर आधारित एक रिपोर्ट पेश की।