अल्लाह फ़रमाता हैः "यह एक किताब है जो हमने आप पर इसलिए नाज़िल की है कि आप लोगों को उनके परवरदिगार के हुक्म से (कुफ़्र की) तारीकियों से निकाल कर (ईमान की) रौशनी की तरफ़ लाएं" (सूरए इब्राहीम, आयत-1) हमने आप पर यह किताब नाज़िल की है कि इंसानों को आप अंधकार से निकाल कर रौशनी तक पहुंचा दें। अंधकार क्या है? अंधकार में वो सभी चीज़ें आती हैं जिनसे पूरे इतिहास में इंसान की ज़िन्दगी कड़ुवाहट से भर गयी, ज़हरीली हो गयी। ये सब अंधकार हैं। जेहालत, यानी अंधकार, ग़रीबी यानी अंधकार, ज़ुल्म यानी अंधकार, भेदभावपूर्ण रवैया अंधकार है, इच्छाओं का ग़ुलाम हो जाना अंधकार है, अख़लाक़ी बुराइयां और सामाजिक ऐब ये सब अंधकार हैं। पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल लाहो अलैहि वआलेही वसल्लम ने इन सभी मुद्दों का हल, वैचारिच हल और व्यवहारिक हल भी मानवता के सामने पेश किया है। अगर इन मुद्दों से छुटकारा पाना चाहते हो तो इलाज यह है। पैग़म्बरे इस्लाम की शरीअत और क़ुरआन की शिक्षाएं, मानवीय मुद्दो का हल हैं। यह पैग़म्बरे इस्लाम ने मानवता के सामने पेश किया है।
इमाम ख़ामेनेई
03/10/2023