दुआ, दिल में अल्लाह से इश्क़ बरक़रार रखती है। सभी भलाइयों और अच्छाइयों का स्रोत अल्लाह की पाक ज़ात है। दुआ और अल्लाह से बात व लगाव, यह मोहब्बत इंसान के दिल में पैदा कर देती है। दुआ ज़िन्दगी की मुश्किलों के सामने इंसान को सब्र व हौसला देती है। हर वो शख़्स जो अपनी ज़िन्दगी के दौरान किसी दुर्घटना का शिकार होता है, मुश्किलें और कठिनाइयां उसे घेर लेती है। दुआ इंसान को ताक़त व सामर्थ्य देती है और इंसान को हादेसात के समय ताक़त व दृढ़ता देती है। इसलिए रिवायतों में दुआ को मोमिन का हथियार कहा गया है। इमाम ख़ामेनेई 21/10/2005  
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