21/08/2023
कुछ वर्ग ऐसे हैं कि अगर उनसे कोई ग़लती हो तो अल्लाह उसे दो ग़लती शुमार करता है। हम अमामे वाले इसी तबक़े में आते हैं। हमारी एक ख़ता दो ख़ता है। एक ख़ुद गुनाह का और एक हमारे गुनाह से बाहर होने वाले असर का। इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है। इमाम ख़ामेनेई
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सैयद हसन नसरुल्लाह की शहादत पर अपने शोक संदेश में इमाम ख़ामेनेई:

ज़ायोनी शासन के कमज़ोर और ख़स्ताहाल ढांचे पर रेज़िस्टेंस फ़्रंट के हमले अधिक विनाशकारी होंगे