rss https://hindi.khamenei.ir/feed/service/15173 hi इस्लाम को बयान करना, इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की रणनीति https://hindi.khamenei.ir/news/9301 दुआ और उस में रोने की रणनीति, यह पूरी बात नहीं है, जी हाँ! इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम ने दुआ के रूप में इरफ़ान बयान किया, आशूरा के वाक़ए के मक़सद को बचाने के लिए, उन्होंने बारबार इस वाक़ए को बयान किया और रोए लेकिन इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की रणनीति, इमामत की रणनीति है यानी इस्लाम को बयान करना, इमामत को बयान करना, इमामों के सच्चे मददगारों को इकट्ठा करना जो उस वक़्त के शिया थे।  इमाम ख़ामेनेई 26 सितम्बर 1986 Sun, 25 Jan 2026 16:51:00 +0330 .. /news/9301 हज़रत अबुल फ़ज़्लिल अब्बास के मूल्य https://hindi.khamenei.ir/news/9299 हज़रत अबुल फ़ज़्लिल अब्बास के मूल्य जेहाद, बलिदान, पाक नीयत, अपने वक़्त के इमाम की पहचान हैं; उनका सब्र और दृढ़ता है; प्यास की हालत में पानी के पास होने के बावजूद पानी न पीना है जब कि शरीअत और रीति के लेहाज़ से कोई रुकावट नहीं थी। कर्बला के शहीदों के मूल्य यह हैं कि उन्होंने हक़ का सब से कठिन हालात में, जितनी कल्पना की जा सके, साथ दिया। इमाम ख़ामेनेई 27 जूलाई 2005 Sat, 24 Jan 2026 14:17:00 +0330 .. /news/9299 इस्लामी उम्मत के लिए इमाम हुसैन का सबक़... https://hindi.khamenei.ir/news/9297 इस्लामी उम्मत के लिए इमाम हुसैन बिन अली अलैहिस्सलाम का सबक़ यह है कि हक़ के लिए, न्याय क़ायम करने के लिए, ज़ुल्म का मुक़ाबला करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए और मैदान में आना चाहिए। इमाम ख़ामेनेई  12 जून 2013 Fri, 23 Jan 2026 18:17:00 +0330 .. /news/9297 ईरानी राष्ट्र पर अमरीकी राष्ट्रपति का बड़ा इल्ज़ाम https://hindi.khamenei.ir/news/9293 अमरीकी राष्ट्रपति ने ईरान में तबाही मचाने वालों, आग लगाने वालों और क़त्ल करने वालों को "ईरानी क़ौम" कहा, यानी ईरानी क़ौम पर बहुत बड़ा झूठा इल्ज़ाम लगाया। हम अमरीकी राष्ट्रपति को इस झूठे इल्ज़ाम के कारण मुजरिम क़रार देते हैं। इमाम ख़ामेनेई 17 जनवरी 2026              Tue, 20 Jan 2026 11:39:00 +0330 .. /news/9293 आज इंसानियत को बेसत के संदेश की ज़रूरत है https://hindi.khamenei.ir/news/9287 आज इंसान की ज़िंदगी उन इंसानों की इच्छाओं से पीड़ित है जो आध्यात्म से कोसों दूर हैं और उनके वजूद पर वासना छायी हुयी। इंसानियत को आज हमेशा से ज़्यादा बेसत के पैग़ाम की ज़रूरत है। इमाम ख़ामेनेई 24 सितम्बर 2003 Sat, 17 Jan 2026 10:16:00 +0330 .. /news/9287 ईरानी राष्ट्र का अज़ीम कारनामा https://hindi.khamenei.ir/news/9284 महान ईरानी राष्ट्र! आपने आज एक बड़ा कारनामा किया और इतिहास रच दिया। Wed, 14 Jan 2026 10:29:00 +0330 .. /news/9284 अमरीकी राष्ट्रपति का भी फ़िरऔन की तरह पतन होगा https://hindi.khamenei.ir/news/9280 फ़ैसले करता है, जान ले कि फ़िरऔन, नमरूद और मोहम्मद रज़ा (पहलवी) वग़ैरा ज़ैसे ज़ालिमों और तानाशाहों का उस वक़्त पतन हुआ जब वे अपने घमंड के चरम पर थे, उसका भी पतन होगा। इमाम ख़ामेनेई 9 जनवरी 2026 Tue, 13 Jan 2026 10:53:00 +0330 .. /news/9280 अमरीकियों ने उस शख़्स की हत्या की जो आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष में सबसे बड़ा और सबसे ताक़तवर कमांडर था! https://hindi.khamenei.ir/news/9258 जंग के मैदान में उसका सामना नहीं किया, अमरीकी सरकार ने धोखे से और कायरता से उनकी हत्या कर दी! इस करतूत से अमरीका के चेहरे पर कलंक का टीका लग गया। इमाम ख़ामेनेई 17 जनवरी 2020 Sat, 03 Jan 2026 11:23:00 +0330 .. /news/9258 ऐसा न्याय जिसे बयान करने के लिए लफ़्ज़ नहीं https://hindi.khamenei.ir/news/9256 न्याय की जहां तक बात है तो हज़रत अली अलैहिस्सलाम के न्याय को तो इन्सान बयान ही नहीं कर सकता। मैं अब हज़रत अली अलैहिस्सलाम के एक जुमले का ज़िक्र कर रहा हूं, वे कहते हैं कि “अगर मुझे कड़ी से कड़ी यातना दी जाए, या नंगे बदन के साथ मुझे कांटों पर घसीटा जाए” मतलब इस तरह से यातनाएं दी जाएं “तो यह मुझे, क़यामत के दिन किसी बंदे पर ज़ुल्म करने वाले की हैसियत से अल्लाह के सामने पेश होने की तुलना में अधिक प्यारा है”। अगर दुनिया में मुझे कड़ी सी कड़ी यातना दी जाए तो यह मुझे प्यारी है इसके मुक़ाबले में कि मैं किसी पर ज़ुल्म करूं। फिर आप ग़ौर करें कि यह बात कौन कह रहा है, वह जिसके हाथ में ऐसे शासन की बागडोर है जिसका पूरब पश्चिम आज के ईरान से कई गुना बड़ा है। यानि हज़रत अली अलैहिस्सलाम जिस इलाक़े पर शासन करते थे और हज़रत अली अलैहिस्सलाम उसके शासक थे, वह जैहून नदी से लेकर नील नदी तक फैला था, यानि ईरान, अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, मिस्र सब उसमें आते थे। यह हज़रत अली अलैहिस्सलाम का इंसाफ़ है। इमाम ख़ामेनेई 25 जून 2024 Fri, 02 Jan 2026 22:58:00 +0330 .. /news/9256 शहीदों के मूल्य और जज़्बे, आने वाली नस्ल में पैदा होने चाहिए https://hindi.khamenei.ir/news/9234 शहीदों के मूल्य और जज़्बे, आने वाली नस्ल में पैदा होने चाहिए इमाम ख़ामेनेई 16 दिसम्बर 2025   Sun, 21 Dec 2025 16:22:00 +0330 .. /news/9234 प्लानिंग आधा काम है,बाक़ी आधा जो ज़्यादा अहम है, वह कोशिश है https://hindi.khamenei.ir/news/9233 आप ने श्रद्धांजलि के प्रोग्रामों की व्याख्या में अच्छी बातें पेश कीं... किताब के लिए कोई पढ़ने वाला होना, जिस फ़िल्म के लिए कोई देखने वाला होना चाहिए, इस के लिए कोशिश की ज़रूरत है; यानी अगर आप अपने काम को कुशलतापूर्वक अंजाम न दें, उसकी पैरवी न करें, काम के मुख़्तलिफ़ आयाम को मद्देनज़र न रखें, तो यह जो कोशिश अंजाम पायी है, वह अपने नतीजे को नहीं पहुंचेगी...किसी अच्छे काम को करने की सोच और अच्छे काम को अंजाम देने की प्लानिंग, उस काम का आधा हिस्सा है; बाक़ी आधा हिस्सा जो ज़्यादा अहम है, वह पैरवी है, उस काम के लिए अमल करना है और आप को इसे अंजाम देना चाहिए। इमाम ख़ामेनेई 16 दिसम्बर 2025 अलबुर्ज़ प्रांत के शहीदों पर सेमीनार के आयोजकों से मुलाक़ात में Sun, 21 Dec 2025 15:11:00 +0330 .. /news/9233 शहीद, मुल्क की अमर विरासत के दुश्मनों के मुक़ाबले में डट गए https://hindi.khamenei.ir/news/9231 "दुश्मन से मुक़ाबले की भावना" का मसला, बहुत अहम है। जब एक जवान में, अपनी जवानी की समझ पैदा होती है- यानी जब वह किशोरावस्था और नौजवानी की सीमा से आगे बढ़ जाए- तो वह महसूस करता है कि मुल्क के संबंध में उस पर एक फ़रीज़ा है जिसे अंजाम दे, ऐसे लोग हैं जो इस घात में हैं कि उस के घर को, उसके मुल्क को, उसकी सांस्कृतिक और नागरिक संपत्ति, उसकी अमर विरासतों को छीन लें, तो वह उनके मुक़ाबले में डटना चाहता है; यह इंसान के अंदर मौजूद एक भावना है। इमाम ख़ामेनेई 16 दिसम्बर 2025 अलबुर्ज़ प्रांत के शहीदों पर सेमीनार के आयोजकों से मुलाक़ात में Fri, 19 Dec 2025 08:24:00 +0330 .. /news/9231 शहादत का जज़्बा पैदा करने वाले मूल्यों को आम कीजिए https://hindi.khamenei.ir/news/9230 हमारे आज के नौजवान बहुत अच्छे और तैयार हैं; हमारा प्रोग्राम इस तरह का हो कि हम इन मूल्यों को जिनसे ये शहादतें वजूद में आयीं, ईरानी क़ौम में यह बलिदान और महानता पैदा हुयी, बयान करें और आने वाली नस्ल में पैदा करें ताकि वे इंशाअल्लाह मुल्क को आगे ले जा सकें, समाज को आगे बढ़ा सकें। इमाम ख़ामेनेई 16 दिसम्बर 2025 अलबुर्ज़ प्रांत के 5580 शहीदों पर सेमीनार के आयोजकों से मुलाक़ात में Thu, 18 Dec 2025 13:26:00 +0330 .. /news/9230 ईरान ने अमरीका और इस्राईल दोनों को शिकस्त दी https://hindi.khamenei.ir/news/9193 बारह दिन की जंग में ईरानी राष्ट्र ने बेशक अमेरिका को भी पराजित किया और ज़ायोनिस्ट रेजीम को भी शिकस्त दी। इमाम ख़ामेनेई 27 नवम्बर 2025 Sat, 29 Nov 2025 17:01:00 +0330 .. /news/9193 पैग़म्बरे इस्लाम की सीरत से हज़रत फ़ातेमा ज़हरा की महानता की पहचान https://hindi.khamenei.ir/news/9170 यह महान महिला एक ओर पैग़म्बरे इस्लाम की महान बेटी हैं, ऐसी बेटी कि पैग़म्बर जिसके हाथ चूमते हैं, उनके आने पर पूरी तरह खड़े हो जाते हैं, जब भी कहीं सफ़र पर जाते हैं तो सबसे आख़िरी घर जिसका वह दीदार करते हैं, हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का घर है और वहीं से वह सफ़र पर जाते हैं, जब सफ़र से लौटते हैं तो सबसे पहले जहाँ जाते और सलाम करते हैं वह हज़रत ज़हरा का घर है; ऐसी बेटी हैं वह। इमाम ख़ामेनेई  3 फ़रवरी 2021 Mon, 24 Nov 2025 08:36:00 +0330 .. /news/9170 हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का इंसानियत को सबक़ https://hindi.khamenei.ir/news/9167 साहस का पाठ, त्याग का पाठ, दुनिया में परहेज़गारी का पाठ, ज्ञानार्जन का पाठ और ज्ञान को श्रोताओं एवं अन्य लोगों के दिमाग़ तक पहुँचाना, एक महान शिक्षक का रोल निभाना- यह सारी इंसानियत के लिए हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के पाठ हैं। इमाम ख़ामेनेई 18 फ़रवरी 2018 Sun, 23 Nov 2025 18:02:00 +0330 .. /news/9167 हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का वजूद इंसान को हैरत में डाल देता है https://hindi.khamenei.ir/news/9166 हज़रत ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के बारे में इंसान जितना सोचता है, इस महान हस्ती के हालात के बारे में ग़ौर करता है, उतना ही हैरत में पड़ जाता है। इंसान न सिर्फ़ इस आयाम से हैरत करता है कि किस तरह एक इंसान नौजवानी में अध्यात्मिक और भौतिक लेहाज़ से महानता के ऐसे दर्जे पर पहुंच सकता है! यह अपने आप में एक हैरत अंगेज़ हक़ीक़त है, लेकिन इस आयाम से और ज़्यादा हैरत होती है कि इस्लाम तरबियत की इतनी हैरतअंगेज़ ताक़त से इतने ऊंचे स्थान पर है कि एक जवान महिला, इतने कठिन हालात में, इस ऊंचे स्थान को हासिल कर सकती है! इस हस्ती, इस महान इंसान की अज़मत भी हैरतअंगेज़ है, उस मत की अज़मत भी हैरतअंगेज़ व आश्चर्यजनक है जिसने ऐसी महान व गरिमापूर्ण हस्ती को पैदा किया। इमाम ख़ामेनेई 16 दिसम्बर 1992 Sun, 23 Nov 2025 16:26:00 +0330 .. /news/9166 हज़रत फ़ातेमा ज़हरा, आइडियल मुसलमान महिला https://hindi.khamenei.ir/news/9158 हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा एक महिला हैं, इस्लामी महिलाओं में सबसे ऊंची चोटी पर मौजूद महिला यानी वह महिला जो एक रहनुमा है। मगर यही महिला जो महानताओं के लेहाज़ से पैग़म्बर होने की क़ाबिलियत रखती थीं, माँ के फ़रीज़े को अंजाम देती हैं, बीवी का रोल अदा करती हैं, घर के काम अंजाम देती हैं। आप देखिए! इन चीज़ों को समझने की ज़रूरत है। इमाम ख़ामेनेई 19 मार्च 2017 Sat, 22 Nov 2025 10:20:00 +0330 .. /news/9158 दुनिया की औरतों को हज़रत फ़ातेमा का पैग़ाम https://hindi.khamenei.ir/news/9154 यह अध्यात्मिक दर्जा, यह विशाल क्षितिज, यह ऊंची चोटी पूरी कायनात की औरतों के सामने है। हज़रत फ़ातेमा ज़हरा महानता की इतनी ऊंची चोटी पर हैं और पूरी दुनिया की औरतों को ख़ेताब करती हैं और उन्हें इस रास्ते पर चलने की दावत देती हैं।   इमाम ख़ामेनेई 16 जनवरी 1990 Fri, 21 Nov 2025 09:48:00 +0330 .. /news/9154 हज़रत ज़हरा पाकीज़ा चमकता नूर https://hindi.khamenei.ir/news/9153 हज़रत फ़ातेमा ज़हरा शक्ल में एक इंसान, एक महिला और वह भी जवान ख़ातून हैं; लेकिन अध्यात्म में एक महान हक़ीक़त, एक पाकीज़ा चमकता नूर, अल्लाह की एक नेक कनीज़, एक आदर्श और चुनी हुयी हस्ती हैं। इमाम ख़ामेनेई 16 जनवरी 1990 Thu, 20 Nov 2025 08:24:00 +0330 .. /news/9153 ईरान-अमरीका सहयोग की शर्तें https://hindi.khamenei.ir/news/9120 अमरीकी कभी कभी कहते हैं कि "हम ईरान के साथ सहयोग करना चाहते हैं।" अगर वह ज़ायोनिस्ट सरकार की हिमायत बिल्कुल ख़त्म कर दे, अपने फ़ौजी अड्डे समेट ले, और इलाक़े में हस्तक्षेप बंद कर दे, तो फिर इस पर ग़ौर किया जा सकता है। लेकिन यह बात न तो आज के लिए है, न ही निकट भविष्य के लिए। Tue, 04 Nov 2025 10:33:00 +0330 .. /news/9120 साइंस, बम और धमकी से ख़त्म नहीं होती https://hindi.khamenei.ir/news/9109 उन्होंने आकर ईरान की यूरेनियम संवर्धन के प्रतिष्ठानों पर फ़ुलाँ जगह और फ़ुलाँ जगह बमबारी कर दी। यूरेनियम संवर्धन एक साइंस है, और साइंस को मिटाया नहीं जा सकता। साइंस बमों, धमकियों या ऐसी चीज़ों से ख़त्म नहीं होती। इमाम ख़ामेनेई 23 सितम्बर 2025 Sat, 27 Sep 2025 17:50:00 +0330 .. /news/9109 दुनिया में सबसे ज़्यादा घृणित सरकार https://hindi.khamenei.ir/news/9040 आज हमारा दुश्मन, यानी ज़ायोनी सरकार दुनिया की सबसे ज़्यादा घृणित सरकार है। इमाम ख़ामेनेई 24 अगस्त 2025 Wed, 27 Aug 2025 14:47:00 +0330 .. /news/9040 अरबईन मार्च का जज़्बा हर मैदान में https://hindi.khamenei.ir/news/6967 जिस तरह अरबईन की अज़ीम पैदल ज़ियारत में मज़बूती के साथ करबला की जानिब आप गए, इंशाअल्लाह हर ‎मैदान में रूहानियत, हक़ीक़त और तौहीद के प्रभुत्व की राह को इसी मज़बूती से तय करेंगे। इमाम ख़ामेनेई 6 सितम्बर 2023 Mon, 11 Aug 2025 16:58:00 +0330 .. /news/6967 हम पश्चिमी सभ्यता के मूल्यों का अनुसरण नहीं कर सकते https://hindi.khamenei.ir/news/9002 इस बार मानवाधिकार के विश्व घोषणापत्र का इम्तेहान है। इस घोषणापत्र की, जिसे पश्चिमी विचारकों के हाथों और दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया पर उनके वर्चस्व के मज़बूत होने के बाद लिखा गया, आज ग़ज़ा में हर दिन ज़ायोनियों के हाथों धज्जियां उड़ रही हैं और "विश्व समुदाय" अपने हाथों से लिखे गए क़ानून के उल्लंघन पर ख़ामोश ही नहीं बल्कि वित्तीय और हथियारों से मदद कर रहा है। Thu, 07 Aug 2025 11:32:00 +0330 .. /news/9002