rss https://hindi.khamenei.ir/feed/service/13522 hi प्रॉक्सी फ़ोर्स एक ही है, ज़ायोनी रेजीम https://hindi.khamenei.ir/news/8699 क्षेत्र की बहादुर क़ौम, क्षेत्र के ग़ैरतमंद जवानों पर प्रॉक्सी होने का इल्ज़ाम लगाते हैं। मैं जो बात कहना चाहता हूं यह है कि इस क्षेत्र में सिर्फ़ एक प्रॉक्सी फ़ोर्स है और वह दुष्ट, क़ाबिज़ और भ्रष्ट ज़ायोनी शासन है। Mon, 31 Mar 2025 13:39:00 +0330 .. /news/8699 इमाम ख़ामेनेई की इमामत में ईदुल फ़ित्र की नमाज़ https://hindi.khamenei.ir/news/8696 ईदुल फ़ित्र की नमाज़, इमाम ख़ामेनेई की इमामत में 31 मार्च 2025 को तेहरान की इमाम ख़ुमैनी ईदगाह में, आयोजित होगी। Sun, 30 Mar 2025 23:46:00 +0330 .. /news/8696 "तुम अल्लाह से मदद तलब करो और सब्र व तहम्मुल से काम लो..." https://hindi.khamenei.ir/news/8695 हज़रत मूसा ने अपनी क़ौम से कहा कि तुम अल्लाह से मदद तलब करो और सब्र व तहम्मुल से काम लो, अल्लाह मसले हल कर देगा और हल हो गए। शक न करें कि इस दृढ़ता का नतीजा दुश्मनों की हार है। दुष्ट और अपराधी ज़ायोनी शासन की हार है। Sun, 30 Mar 2025 21:04:00 +0330 .. /news/8695 विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियां, ईरानी राष्ट्र का गौरव https://hindi.khamenei.ir/news/8688 क़ुद्स दिवस की रैली इस बात का भी सबूत है कि ईरानी क़ौम अपने अज़ीम सियासी और बुनियादी लक्ष्यों पर अडिग और दृढ़ है। ऐसा नहीं है कि फ़िलिस्तीन के समर्थन का नारा देकर एक-दो साल बाद भूल जाए। 40 से अधिक वर्षों से ईरानी राष्ट्र क़ुद्स दिवस पर रैलियां निकालता आ रहा है। Fri, 28 Mar 2025 00:03:00 +0330 .. /news/8688 रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ ईरान की प्रॉक्सी नहीं हैं https://hindi.khamenei.ir/news/8677 अमरीकी, योरोपीय और उन जैसे दूसरे राजनेता जो एक बड़ी ग़लती करते हैं वह यह है कि क्षेत्र में रेज़िस्टेंस के सेंटरों को ईरान की प्रॉक्सी फ़ोर्सेज़ कहते हैं। फ़िलिस्तीन पर नाजायज़ क़ब्ज़े के वक़्त से ही उसके ख़िलाफ़ खड़े होने वालों की अग्रिम पंक्ति में जो मुल्क थे, उनमें से एक यमन था। Mon, 24 Mar 2025 11:48:00 +0330 .. /news/8677 अमरीकी जान लें... https://hindi.khamenei.ir/news/8679 अमरीकियों को यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि ईरान के मामले में धमकियों से उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा। Sun, 23 Mar 2025 20:52:00 +0330 .. /news/8679 इस्राईल के लिए बेरहम बहुत छोटा लफ़्ज़ है https://hindi.khamenei.ir/news/8676 आज ज़ायोनिस्ट रेजीम की बेरहमी ने, बल्कि बेरहमी लफ़्ज़ भी कम है, कई ग़ैर-मुस्लिम नेशन्ज़ के दिलों को दुख दर्द से भर दिया है। Sun, 23 Mar 2025 10:58:00 +0330 .. /news/8676 रेज़िस्टेंस के नतीजे में ज़ायोनियों की हार निश्चित है https://hindi.khamenei.ir/news/8675 शक न कीजिए कि इस दृढ़ता का नतीजा, दुश्मनों की हार है। दुष्ट, भ्रष्ट और अपराधी ज़ायोनी सरकार की हार है। Sat, 22 Mar 2025 17:22:00 +0330 .. /news/8675 शबे क़द्र की रातों का एक पल, एक पूरी ज़िंदगी की अहमियत रखता है https://hindi.khamenei.ir/news/8673 इस रात, अपनी ज़िंदगी के अंजाम, बल्कि एक राष्ट्र की ज़िंदगी के अंजाम को एक दुआ से बदल सकते हैं।   Sat, 22 Mar 2025 11:26:00 +0330 .. /news/8673 मुसलमान क़ौमें, नहजुल बलाग़ा पढ़ें https://hindi.khamenei.ir/news/8672 अगर ईरानी क़ौम और मुसलमान क़ौमें इस महान इंसान और पैग़म्बरे इस्लाम के बाद सबसे श्रेष्ठ हस्ती से फ़ायदा उठाना चाहती हैं तो नहजुल बलाग़ा ज़्यादा से ज़्यादा पढ़ें।   Fri, 21 Mar 2025 17:14:00 +0330 .. /news/8672 अमरीकी अच्छी तरह समझ लें, धमकियों से कुछ हासिल नहीं होगा https://hindi.khamenei.ir/news/8670 अमेरिकियों को यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि ईरान के मामले में धमकियों से कुछ हासिल नहीं होगा। अगर उन्होंने ईरान के अवाम के ख़िलाफ़ कोई दुष्टता की, तो उन्हें सख़्त जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।   Fri, 21 Mar 2025 14:08:00 +0330 .. /news/8670 यमन के अवाम पर हमला, अपराध है https://hindi.khamenei.ir/news/8666 यमन के अवाम, यमन के लोगों पर यह हमला भी अपराध है, जिसे अवश्य रोका जाना चाहिए।   Fri, 21 Mar 2025 10:58:00 +0330 .. /news/8666 अमरीका भी इस जुर्म में शरीक है https://hindi.khamenei.ir/news/8665 यह कृत्य अमरीका के इशारे पर या कम से कम अमरीका की सहमति और उसकी ओर से दी गयी हरी झंडी से हुआ है। इसलिए अमरीका भी इस जुर्म में शरीक है। Thu, 20 Mar 2025 17:44:00 +0330 .. /news/8665 दुनिया के आज़ाद प्रवृत्ति के लोग, ग़ज़ा पर हो रहे त्रासदीपूर्ण अपराधों को रोकें https://hindi.khamenei.ir/news/8664 ग़ज़ा पर क़ाबिज़ ज़ायोनी शासन का दोबारा हमला, बहुत बड़ा अपराध और त्रासदी को जन्म देने वाला है। पूरी दुनिया में आज़ाद प्रवृत्ति के लोग इस करतूत का मुक़ाबला करें।   Thu, 20 Mar 2025 14:46:00 +0330 .. /news/8664 इस्लामी जगत और पूरी दुनिया के आज़ाद इंसान ग़ज़ा में ज़ायोनी शासन के फिर से शुरू हुए अपराधों के ख़िलाफ़ डट जाएं https://hindi.khamenei.ir/news/8661 इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने अपने नौरोज़ के पैग़ाम में पिछले हिजरी शम्सी साल के अहम वाक़यों का ज़िक्र किया और नए हिजरी शम्सी साल में कोशिशों और योजनाओं की दिशा निर्धारित करने के लिए नारा तय फ़रमायाः "उत्पादन के लिए पूंजीनिवेश" Thu, 20 Mar 2025 12:18:00 +0330 .. /news/8661 और उनके मालों में से सवाल करने वाले और सवाल न करने वाले मोहताज सबका हिस्सा था https://hindi.khamenei.ir/news/8653 बेशक परहेज़गार लोग बहिश्तों और चश्मों में होंगे (51:15) और उनका परवरदिगार जो कुछ उन्हें अता करेगा वह वे ले रहे होंगे बेशक वे इस (दिन) से पहले ही (दुनिया में) नेकूकार थे। (51:16) ये लोग रात को बहुत कम सोया करते थे (51:17)और सहर के वक़्त मग़फ़ेरत तलब किया करते थे। (51:18) और उनके मालों में से सवाल करने वाले और सवाल न करने वाले मोहताज सबका हिस्सा था।(51:19) और ज़मीन में यक़ीन करने वालों के लिए (हमारी क़ुदरत की) निशानियां हैं। (51:20) Sun, 16 Mar 2025 17:09:00 +0330 .. /news/8653 इस्लामी इंक़ेलाब के नेता के सामने एक भारतीय शायर का कलाम https://hindi.khamenei.ir/news/8649 भारतीय शायर का कलाम सुनने के बाद इस्लामी इंक़ेलाब के नेता की टिप्पणीः यह बात अहम है कि एक शख़्स जिसकी मातृ भाषा फ़ारसी न हो वह इतनी साफ़ सुथरी ज़बान में शेर कहे। फ़ारसी में बात करना एक कला है और फ़ारसी में शेर कहना दूसरी कला है।   Sat, 15 Mar 2025 23:29:00 +0330 .. /news/8649 ईरान अमरीका से वार्ता क्यों नहीं करता? https://hindi.khamenei.ir/news/8647 अमरीकी राष्ट्रपति ने, इसी शख़्स ने पूरी हो चुकी, मुकम्मल हो चुकी वार्ता, दस्तख़त हो चुके समझौते को मेज़ से उठाकर फेंक दिया, फाड़ दिया। इस इंसान से किस तरह वार्ता की जा सकती है? वार्ता में इंसान को यक़ीन होना चाहिए कि सामने वाला पक्ष उस चीज़ पर अमल करेगा जिसका उसने वादा किया है हम जानते हैं कि वह अमल नहीं करेगा तो फिर किस लिए वार्ता हो? Fri, 14 Mar 2025 15:28:00 +0330 .. /news/8647 मौजूदा अमरीकी राष्ट्रपति से वार्ता से, कोई मुश्किल हल नहीं होगी https://hindi.khamenei.ir/news/8643 हम बैठे, कई साल बातचीत की;  इसी शख़्स ने, बातचीत पूरी होने, समझौते पर दस्तख़त होने के बाद, समझौते को मेज़ से उठाकर फेंक दिया, फाड़ दिया। ऐसे शख़्स के साथ बातचीत कैसे की जा सकती है?  Wed, 12 Mar 2025 21:02:00 +0330 .. /news/8643 नुमायां शख़्सियतों को खो देना, पीछे हटने के मानी में नहीं है https://hindi.khamenei.ir/news/8642 अगर दो तत्व एक आला मक़सद और दूसरे कोशिश किसी क़ौम में हों तो शख़्सियतों के न होने से नुक़सान तो होता है लेकिन मूल अभियान को कोई नुक़सान नहीं पहुंचता।   Wed, 12 Mar 2025 19:48:00 +0330 .. /news/8642 ख़ुद फ़रामोशी से मुक्ति का रास्ता https://hindi.khamenei.ir/news/8640 इंसान दुआ से, अल्लाह के सामने गिड़गिड़ाकर, रोज़े से ख़ुद को भूल जाने की इस ग़फ़लत से मुक्ति पा सकता है और अगर यह ग़फ़लत दूर हो जाए तो उस वक़्त इंसान को अल्लाह का सवाल याद आता है और हम ध्यान देते हैं कि अल्लाह हमसे सवाल करेगा। Wed, 12 Mar 2025 15:09:00 +0330 .. /news/8640 ख़ुद फ़रामोशी, बहुत बड़ा नुक़सान https://hindi.khamenei.ir/news/8638 उन्होंने अल्लाह को भुला दिया तो अल्लाह ने भी ऐसा किया कि वे अपने आप को ही भूल गए, यानी ख़ुद फ़रामोशी का शिकार हो गए। व्यक्तिगत स्तर पर इंसान के ख़ुद को भुल जाने का मतलब यह है कि इंसान अपने पैदा होने के मक़सद को भूल जाता है। Tue, 11 Mar 2025 09:52:00 +0330 .. /news/8638 जो अल्लाह को भूल जाए उल्लाह उसे भुला देता है https://hindi.khamenei.ir/news/8636 अल्लाह के भुला देने का मतलब यह है कि अल्लाह उसे अपनी रहमत और रहनुमाई के दायरे से निकाल देता है। Mon, 10 Mar 2025 15:08:00 +0330 .. /news/8636 रमज़ान ज़िक्र का महीना और क़ुरआन ज़िक्र की किताब https://hindi.khamenei.ir/news/8633 रमज़ान का महीना ज़िक्र का महीना है, क़ुरआन का महीना है और क़ुरआन ज़िक्र की किताब है। 'ज़िक्र' का क्या मतलब है? ज़िक्र, ग़फ़लत और फ़रामोशी की ज़िद्द है। Sun, 09 Mar 2025 17:14:00 +0330 .. /news/8633 बदमाश सरकारों का वार्ता पर इसरार, अपनी मर्ज़ी थोपने की कोशिश https://hindi.khamenei.ir/news/8632 कुछ बदमाश सरकारें, वार्ता पर इसरार कर रही हैं,उनका वार्ता पर इसरार मसले के हल के लिए नहीं बल्कि हुक्म चलाने के लिए है। वार्ता करें ताकि मेज़ की दूसरी ओर जो पक्ष बैठा है उस पर अपनी इच्छा थोपें। Sun, 09 Mar 2025 15:39:00 +0330 .. /news/8632